अब जनता इनके हर प्रोपेगेंडा का उतनी ही तत्परता से जवाब देती है। इनका हर झूठ इनकी मक्कारी का गवाही देता है। पकड़े जाने पर अक्सर अपना पोस्ट या ट्वीट डिलीट कर ये बचने की कोशिश करते हैं। लेकिन अपने गलतियों की माफ़ी ये पूरा गिरोह कभी नहीं माँगता।
जमीन पर मतदाताओं तक महागठबंधन की खबर पहुँचा पाने में बसपा कार्यकर्ता विफल रहे हैं। एक बड़ा मतदाता वर्ग हाथी न ढूँढ़ पाने के भ्रम में कमल का बटन दबा आ रहे हैं।
दबी जबान में चर्चा हो रही है कि बंद कमरे में कुछ लोगों ने मफ़लर वाले के साथ वो कर दिया है जो कम्बल उढ़ा कर किया जाता है। कविराज विष-वास सोशल मीडिया पर इसपर कटाक्ष भी करते दिखे। यकीन नहीं होता, इतिहास खुद को दोहराता है, ऐसा सुना था, मगर इतनी समानताएँ?
आख़िर भाजपा को गुरदासपुर से सनी देओल को उतारने की ज़रुरत क्यों पड़ गई? सनी ही क्यों? ढाई किलो के हाथ का साथ पाने के पीछे रहे ये 5 सॉलिड कारण जो बताते हैं कि कैप्टन-जाखड़ के संयुक्त प्रभाव को काटने के लिए देओल ही आखिरी विकल्प थे। कार्यकर्ताओं ने भी...
मोदी ने तो माताजी का आशीर्वाद लिया और चले गए, लेकिन लिबरल ब्रीड अभी भी पागल हो रहा है। मोदी रैली में व्यस्त है, इंटरव्यू खत्म हो गया, लेकिन लिबरल ब्रीड उसे कंधे पर लेकर घूम रहा है। लिबरलों के पोस्टर ब्वॉय लिंगलहरी कन्हैया की गरीब माँ पर खूब आहें निकलीं, कैमरा तो उसके घर में भी घुसा था, उसके घर का राजनीतिकरण हुआ कि नहीं?
सोशल मीडिया पर एक तस्वीर ‘वायरल’ की जा रही है, जिसके कारण JNU की फ्रीलांस प्रोटेस्टर शेहला रशीद से लेकर कश्मीर में महबूबा मुफ़्ती तक का दिल दुखा है और वो यासीन मलिक को इस 'फर्जी' तस्वीर के अनुसार मिलने वाली यातनाओं के खिलाफ सरकार से रहम की अपील कर रही हैं।
भाजपा ने अब तक 437 सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किया है, जबकि कॉन्ग्रेस ने 423 सीटों के लिए उम्मीदवारों की सूची जारी की है। उत्तर-पूर्व की सभी राज्यों से कॉन्ग्रेस को सत्ता से बेदखल करने में भी भाजपा सफल हुई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ़िल्म अभिनेता अक्षय कुमार से अपने जीवन के कई पहलुओं पर चर्चा की। इस इंटरव्यू की ख़ास बात यह है कि राजनीतिक मुद्दों को इससे दूर रखा गया। आप भी देखें सुपरस्टार अक्षय कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बातचीत।
अभी तक ऑपइंडिया द्वारा यह सत्यापित नहीं हो पाया है कि केजरीवाल वास्तव में पिटे गए हैं या नहीं। ऐसी किसी हरक़त की तारीफ नहीं की जा सकती। यह कड़ी निंदा का विषय है। फिर भी, हम उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं।
IS की प्रोपेगैंडा एजेंसी AMAQ द्वारा जारी एक बयान में कहा गया, "श्री लंका में ईसाईयों और अमेरिका के समर्थक देशों के नागरिकों को जिन्होंने मारा है, वो इस्लामिक स्टेट के लड़ाके हैं।"