उन्होंने कहा कि यहाँ दो त्रिभुज बनते हैं- एक ख़रीददारों का और एक बिक्रेताओं का। एक तरफ प्रियंका, राहुल और रॉबर्ट हैं तो दूसरी तरफ़ पाहवा, भंडारी और थम्पी है। उन्होंने पूछा कि प्रियंका गाँधी द्वारा 15 लाख रुपए में ख़रीदी गई ज़मीन 84.15 लाख रुपए में क्यों बेच दी गई?
यह पोस्ट उस दिन चर्चा में आया है जब से कुछ मुस्लिम संगठनों ने रमजान के दिन पड़ने वाली तारीखों पर चुनाव आयोग से आपत्ति जतानी शुरू की और रमजान के दिन पड़ने वाली तारीखों को बदलने की माँग की है।
ऑपइंडिया ने राहुल गाँधी और हथियार दलाल संजय भंडारी के बीच संबंधों का ख़ुलासा करते हुए कई दस्तावेज पेश किए थे। राहुल और पाहवा के बीच संदिग्ध ज़मीन सौदे हुए जो सीसी थम्पी द्वारा वित्तपोषित था। अब हमारे पास और भी एक्सक्लूसिव दस्तावेज हैं।
भाजपा के ग्राम प्रधान के साले के ससुर के किसी बयान को उठा कर भाजपा के झूठ के रूप में प्रचारित कर एक-एक घंटे का शो कर लेने वाली तथाकथित पत्रकारों की इस जमात ने राहुल-भंडारी कनेक्शन पर आँखें मूँद ली। इन्हे साँप सूंघ गया।
आतंकियों को साथ देने और UNSC में उनके पक्ष में खड़े होने को लेकर अमेरिका पहली बार खुल कर चीन के खिलाफ आ गया है। वैश्विक स्तर पर चीन का अलग-थलग पड़ जाना भारत के लिए बड़ी कूटनीतिक जीत मानी जा सकती है।
राहुल गाँधी संजय भंडारी के साथ संदेहास्पद ज़मीन सौदों में बुरी तरह घिरते नज़र आ रहे हैं। भाजपा ने OpIndia के ख़ुलासे के बाद राजनीतिक हमले तेज़ कर दिए हैं। तीन तरफ से अटैक करते हुए कॉन्ग्रेस अध्यक्ष को राफेल तक घेरा जा रहा है।
स्मृति ईरानी ने कॉन्ग्रेस पर 'फैमिली पैकेज भ्रष्टाचार' करने का आरोप लगाया। स्मृति ईरानी ने कहा कि गाँधी परिवार ने भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया है। एचएल पाहवा के यहाँ पर ED की रेड में राहुल गाँधी के नाम के दस्तावेज पाए गए।
कानून व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर देश ने कभी किसी रिलिजियस आइडेंटिटी को ऊपर नहीं माना है। राष्ट्रीय सुरक्षा के मामले में इंदिरा गाँधी ने स्वर्ण मंदिर में मिलिट्री ऑपरेशन करने की भी इजाज़त दे डाली थी।