धर्म और संस्कृति

आदियोगी की प्रतिमा के सामने ईसाई मिशनरी की बेहूदगी हिन्दुओं के धैर्य की परीक्षा ही है

कहाँ से आता है इतना दुस्साहस कि किसी के धार्मिक स्थल पर घुस कर उनके धर्म को नकली कहा जाए, उसका मजाक उड़ाया जाए? और कहीं से नहीं, हमारी तथाकथित ‘सेक्युलर’ व्यवस्था से ही...

‘हिन्दू’ शब्द पर इतिहास ज्ञान खराब है कमल हासन का, बस 2200 सालों से चूके हैं

फारसी साम्राज्य के राजा डैरियस-प्रथम के अभिलेखों में हिन्दू शब्द का ज़िक्र ईसा से 6 शताब्दी पूर्व का है, जबकि इस्लाम ईसा से 600 साल बाद का। और मुगलों का हिंदुस्तान में आगमन तो 16वीं शताब्दी में हुआ। यानि विशुद्ध तकनीकी रूप से भी कमल हासन 22 शताब्दियों की ‘मामूली’ सी चूक कर गए हैं।

बुद्ध पूर्णिमा: आसान नहीं होता है सिद्धार्थ का गौतम बुद्ध हो जाना

गौतम बुद्ध के साथ जो घटित हुआ, वो इस संसार के हर इंसान के साथ घट सकता है। बस इसके लिए हमें अपने जीवन में गहराई लानी होगी। आज बुद्ध पूर्णिमा पर बुद्ध के मानवता को दिए गए महत्वपूर्ण योगदान के न सिर्फ स्मरण बल्कि उसे आत्मसात कर खुद भी उसी जागरण की दिशा में अग्रसर करने की चेतना जागृत करने का दिन है।

जय श्री राम, हुह… जिस पत्रकार ने ऐसा कहा, वो एक नंबर का धूर्त है, बंगालियों के नाम पर कलंक है

माँ दुर्गा और भगवान श्रीराम के भक्तों को अलग-अलग देखते हुए क्षेत्र और श्रद्धा के नाम पर उन्हें लड़ने की कोशिश में लगे नंदी क्या यह नहीं जानते कि बंगाली रामायण के लेखक ने दुर्गा पूजा को बंगाल के घर-घर तक पहुँचाया? कृत्तिवासी ओझा के बारे में नहीं पता?

हिन्दूफ़ोबिक द वायर, मंदिर में पूजा-पाठ और यज्ञ-हवन ही होते हैं

सेक्युलर प्रोजेक्ट के तहत सरकारें मंदिरों की मलाई काटने की तो हक़दार हैं पर उनसे उम्मीद यह की जाती है कि वे पूजा-पाठ में सीधा-सीधा विघ्न उत्पन्न करें।

काशी विश्वनाथ कॉरिडोर से 40 प्राचीन मंदिरों को मिलेगा भव्य स्वरुप, आस्था और आधुनिकता का अनूठा संगम

1780 ई के बाद, वाराणसी शहर सबसे बड़े परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। पीएम मोदी के नेतृत्व में, शहर का भव्यतम निर्माण कार्य काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के रूप में परिवर्तन की आधुनिक लहर से गुजर रहा है।

मॉडर्न वॉरफेयर का पहला उदाहरण हनुमानजी द्वारा रामायण में दिखाया गया था

आज पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत विरोधी प्रोपगैंडा चलाता है। भगवान राम ने इस युद्धनीति का उपयोग रावण के आतंक को समाप्त करने के लिए किया था लेकिन आज पाकिस्तान उसी तकनीक का प्रयोग भारत के विरुद्ध जिहादी छद्म युद्ध में करता है।

झूठ के सहारे तुफैल द्वारा हिंदुत्व को हिंसक साबित करने का खोटा प्रयास, देवी-देवताओं का अपमान

यहाँ तुफैल अहमद ने दो बड़ी गलतियाँ की। पहली ग़लती, हिन्दू देवी-देवताओं द्वारा धारण किए गए अस्त्र-शस्त्रों को हिंसा से जोड़कर देखा। दूसरी ग़लती, माँ सरस्वती के बारे में बिना तथ्य जाने झूठ बोला। दोनों ही गलतियों को तथ्यों व सबूतों के साथ काटा गया है। 'शांतिप्रिय' तुफैल शायद...

ईसाईयों ने सबरीमाला को 1950 में आग लगा दी थी, आज भी नफरती चिंटुओं की नज़र पर है आस्था

सवाल यह भी है कि क्या हम खुद अपने मंदिरों पर जारी हमलों को उसी तरह देखने और बयान करने की हिम्मत जुटाएँगे जैसा वो सचमुच हैं? सेकुलरिज्म का टिन का चश्मा हम अपनी आँख से उतारेंगे क्या?

भक्त का भगवान हो जाना ही रामनवमी का वास्तविक संदेश है, और विजय का मंत्र भी

अगर राम को ठीक से समझ जाएँ तो भी जीवन की गुणवत्ता में आमूल परिवर्तन संभव है। बस एक सार्थक और आनंददायक जीवन जीने की इतनी ही मर्यादा है जिसके पालन की जरुरत है।

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