ध्यान देने वाली बात यह है कि इन ज़िंदा व इस्तेमाल की गई कारतूसों की बरामदगी 'शांतिपूर्ण ढंग से कर रहे विरोधियों’ से हुई है। ऐसे में यह सवाल एकाएक ही उठ जाता है कि दंगाइयों का अगर यह ‘शांतिपूर्ण ढंग से किया गया विरोध-प्रदर्शन है, तो फिर अशांतिपूर्ण तरीक़ा क्या होगा?
वीडियो में उपद्रवियों की भीड़ को मंदिर में प्रवेश करते हुए और मूर्ति को तोड़ते हुए देखा जा सकता है। वीडियो में मौजूद शख्स बोलते हुए सुना जा सकता है, “हिंदुओं के साथ खिलवाड़ किया गया है। वो लोग हमारे मंदिर में घुसकर मूर्तियों को तोड़ रहे हैं।”
यमुनानगर में रहने वाले पाकिस्तानी हिंदुओं ने भूपेंद्र सिंह हुड्डा को चुनावों में अपना समर्थन दिया था, क्योंकि हुड्डा कहते थे कि उन्हें नागरिकता दिलवाएँगे, लेकिन आज जब मोदी सरकार ने बिल पास कर दिया है, तो वे इसका विरोध कर रहे हैं।
हयातुननिसा एक सरकारी उच्च प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका थी। उसने दो-दो बार कर्ज उठाकर शौहर मुस्तफा को बिजनेस के लिए दिया। लेकिन, मुस्तफा नहीं सुधरा। इस बात को लेकर अक्सर दोनों के बीच विवाद होता रहता था।
एक शरणार्थी ने बताया था कि पाकिस्तान के अंदर हिन्दू होना गुनाह है, क्योंकि वहाँ हिन्दुत्व की कोई अहमियत ही नहीं है। यहाँ हिन्दुस्तान में हिन्दू-मुस्लिम-सिख-ईसाई सारे भाई-भाई है। भारत ही वो जगह है, जहाँ हम हिन्दू सुरक्षित हैं, इसलिए वो पाकिस्तान से भारत में रहने आए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि रामपोरा में झेलम नदी पर प्रस्तावित 166 मीटर लंबे दो लेन वाले पुल को बनाने के लिए वर्ष 2002 में 10 करोड़ रुपये की परियोजना तैयार की गई थी। लेकिन, रास्ते में मस्जिद के आने की वजह से काम अटका पड़ा था। मुस्लिम समुदाय की सहमति से इसे हटाने का काम शुरू हो गया है।
वीडियो में देखा जा सकता है कि दंगाई बाइकों पर पेट्रोल डाल कर उन्हें आग के हवाले कर रहे हैं। ये वीडियो फुटेज 15 दिसंबर के हैं। दंगाइयों को वीडियो में पत्थरबाजी करते हुए भी देखा जा सकता है।
राणा अयूब को यूपी पुलिस ने फटकार लगाई है। पुलिस ने अयूब को एक 'जिम्मेदार रिपोर्टर' की परिभाषा समझाते हुए कहा कि वो अपने बयान की पुष्टि के लिए सबूत पेश करें। जैसा कि अपेक्षित था, राणा अयूब के पास अपने झूठे बयान की पुष्टि के लिए कोई सबूत नहीं था।
"वाइस चांसलर और रजिस्ट्रार से अनुरोध है कि वे वीसी लॉज और रजिस्ट्रार के लॉज को खाली कर दें। सभी लोग तब तक विश्वविद्यालय प्रशासन का बहिष्कार करेंगे, जब तक यह दोनों अपना इस्तीफ़ा नहीं दे देते और कैंपस छोड़कर चले नहीं जाते।"
31 वर्षीय वरुण पर सीएए के विरोधियों ने धारदार हथियार से हमला किया। हमला काफ़ी क्रूर तरीके से किया गया। उनके सिर में गहरी चोट आई है। बेंगलुरु साउथ के सांसद व युवा भाजपा नेता तेजस्वी सूर्या ने हॉस्पिटल में जाकर उनका हालचाल जाना।