इसी फुटेज से पुलिस उन चारों आरोपितों तक पहुॅंची जो पिछले हफ्ते एनकाउंटर में मार गिराए गए थे। फुटेज से ट्रक का पता चलने के बाद पुलिस ने उसके मालिक की तलाश की। उसने बताया कि ट्रक चेन्नाकेशवुलु और मोहम्मद आरिफ चलाते हैं।
आरोपित ने कथित तौर पर महिला का गुप्त तरीके से नहाते हुए वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया था। जिसके बाद महिला ने उससे वीडियो हटाने को कहा, मगर जब टोंडे ने नहीं सुनी तो महिला ने एक शिकायत दर्ज करवाई और पुलिस द्वारा उसको गिरफ्तार कर लिया गया। कुछ दिन पहले वह जमानत पर छूटा, तो...
उसने कलेक्टर से लेकर आईजी तक सबके पास फरियाद लगाई। लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई। नतीजतन, लड़कों के हौसले बुलंद हो गए। डर से छात्रा के परिजन घर से नहीं निकल रहे। लड़की की पढ़ाई छूट गई। लेकिन, प्रताड़ना का सिलसिला नहीं रुका।
"उत्तर प्रदेश में 42389 पोस्को और 25749 बलात्कार के मामले अभी लंबित पड़े हुए हैं। इसके कारण राज्य सरकार ने ये बड़ा निर्णय लिया है। नए फ़ास्ट ट्रैक अदालतों के लिए जजों की भर्ती जल्द ही शुरू की जाएगी। हर कोर्ट का खर्च 75 लाख रुपए आएगा।"
जज शिल्पा समीर ने जब यह फ़ैसला सुनाया तो कोर्ट में मौजूद हर शख़्स मासूम की हत्या व बलात्कार की वारदात को सोचकर बेहद भावुक हो गया, लेकिन इस नृशंस वारदात को अंजाम देने वाले दरिंदे महेंद्र के चेहरे पर एक शिकन भी नहीं आई।
अगर सिर्फ आरोप के आधार पर किसी को बलात्कारी कहकर गोली मारने का जोश थोड़ा कम हो गया हो तो सोचिएगा। न्यायिक प्रक्रिया के त्वरित होने, और ‘बनाना रिपब्लिक’ होने में फर्क तो होता है ना?
"पूरी दुनिया मेरे खिलाफ है। मैं कहता हूँ नित्यानंद से मत उलझो। लेकिन, अगर तुम यहाँ होकर मुझे अपनी निष्ठा दिखाते हो तो मैं तुम्हें वास्तविकता और सच्चाई का खुलासा करके अपनी निष्ठा दिखाऊँगा। अब, मुझे कोई भी छू नहीं सकता। मैं परम शिवा हूँ, समझे।
पासपोर्ट हासिल करने के बाद गुलजार ने करतारपुर तीर्थयात्री होने की आड़ में अपने परिवार के साथ पाकिस्तान जाने की योजना बनाई। मगर गुलजार की बीबी के भाई नसीब ने उसकी योजना पर पानी फेर दिया। नसीब को शक हुआ कि उसकी बहन और बच्चों को पाकिस्तान ले जाया जा रहा है। जिसके बाद उसने...
परिवार का आरोप है कि आरोपित शख्स ने घर में घुसकर पीड़िता के साथ रेप का प्रयास किया था लेकिन पीड़िता के विरोध के बाद जब वह नाकाम रहा तो उसने केरोसिन तेल छिड़कर पीड़िता को जिंदा जलाने की कोशिश की। पीड़िता 80 फीसदी जल चुकी हैं।
"मुझे वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा निर्देश दिया गया है कि हमें 10 रस्सियाँ तैयार कर के रखनी हैं। मुझे ये नहीं पता कि इतनी बड़ी संख्या में फाँसी के फंदों वाली रस्सियों की माँग किस जेल ने की है? लेकिन हमलोग पूरी मेहनत से अपना काम करने में लगे हुए हैं।"