24 घंटे बाद भी आग का धुआँ ख़त्म नहीं हुआ है। वहाँ स्थित इमारतों से अब भी धुआँ निकल रहा है। पुलिस ने जाँच के लिए फैक्ट्री सील कर रखी है। सोमवार को लोगों ने तीसरी मंजिल से आग की लपटें उठते देखी, जिसके बाद तुरंत पुलिस को सूचित किया गया।
युवती ने एसपी क्राइम को अपनी शिक़ायत में बताया कि उनके अब्बू ने गाँव में अन्य लोगों के साथ मिलकर पंचायत की, जिसमें यह तय किया है कि अगर उन्होंने (दंपति) गाँव में पैर रखा तो उनकी हत्या कर दी जाएगी। एक सप्ताह पहले युवती के परिजनों ने दोनों का अपहरण करने की भी कोशिश की थी।
इससे पहले पूर्व कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने बलात्कार की ख़बरों पर प्रतिक्रिया देते हुए भारत को दुनिया का रेप कैपिटल बता दिया था। उन्होंने कहा था कि रोज़ के अख़बारों में महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार की कई ख़बरें आती हैं। राहुल गाँधी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए....
"आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी। आग लगने के बाद उठे धुएँ के कारण परिसर में बहुत सारा प्लास्टिक था। अधिकतर मौतें धुएँ के कारण श्वासावरोध के कारण हुईं। हमने अधिकांश घायलों को एलएनजेपी अस्पताल और लेडी हार्डिंग अस्पताल में ट्रांसफर कर दिया है।"
उस्मानी ने कहा कि बाबरी विध्वंस को वो लोग न तो भूल सकते हैं और न ही इसमें शामिल लोगों को माफ़ कर सकते हैं। आरोपित ने कहा कि उसने जब यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया, तब से ही ऐसी सभाओं का आयोजन करता रहा है।
सेंधमारी के लिए ऐसे घरों का चयन किया जाता था, जो काफ़ी समय से बंद हों और वहाँ कोई रहता न हो। इसके बाद आरोपित उस घर में सेंधमारी करने जाते थे तो अच्छे कपड़े पहनकर जाते थे, जिससे पड़ोसियों को लगे कि वो उस घर के सदस्यों के कोई रिश्तेदार हों।
"मैं इसीलिए बयान नहीं देती ताकि लोग तालियाँ बजाएँ। तुम्हारे विचार प्रकट कर देने भर से बलात्कारियों के मन में ख़ौफ़ नहीं बैठ जाएगा। हैदराबाद पुलिस ने जो किया, एकदम सही किया। मैं डॉक्टर रेड्डी के दर्द के बारे में सोच भी नहीं सकती लेकिन इस एनकाउंटर से मैं ख़ुश हूँ।"
माँगों को माने जाने के बाद परिवार पीड़िता का अंतिम संस्कार करने पर राज़ी हो गया। परिवार के पास पहले से जो मकान है, उसे पक्का किया जाएगा। इसके अतिरिक्त एक और घर दिया जाएगा। पीड़िता की बहन को सुरक्षा देने के आलावा घर पर भी 24 घंटे सुरक्षा दी जाएगी।
"रात के 10 बजे से सुबह 6 बजे तक महिलाएँ किसी भी पुलिस स्टेशन या टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर सकती हैं। पुलिस उन्हें पिक कर लेगी और उन्हें उनके निर्धारित स्थानों तक सुरक्षित पहुँचाएगी।"
एक सूटकेस में किसी मर्द का पैर, हाथ और प्राइवेट पार्ट। उसके बाद एक स्वेटर। स्वेटर पर सिलने वाले टेलर का नाम... यही क्लू मुंबई पुलिस को बेटी द्वारा बाप के मर्डर की कहानी तक ले जाती है।