“हम यहाँ स्थानीय लोगों से मिले और किसी भी व्यक्ति ने मानव अधिकारों का उल्लंघन होने की बात नहीं कही। पाकिस्तान का प्रोपेगेंडा झूठा था। हाँ, यहाँ मूलभूत सेवाएँ जैसे फोन पर प्रतिबंध लगा था। लेकिन जब बड़े कदम उठाए जाते हैं तो इस तरह के निर्देश जारी किए जाते हैं।”
मुस्लिम पक्षकार राजीव धवन ने जस्टिस बोड़बे के सवाल का जवाब देते हुए एक उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि अगर उनके स्वामित्व वाली ज़मीन पर कोई हाथ धोने का आग्रह करता है और वह इजाजत दे देते हैं तो इसका अर्थ ये नहीं कि ये ज़मीन उनकी ही हो जाए।
पीएमएसएसएस के तहत स्नातक में दाखिला लेने वाले बच्चों में से 2,400 जम्मू और 1,474 कश्मीर से हैं। शेष लद्दाख से हैं। इस वर्ष जम्मू-कश्मीर के सबसे अधिक बच्चों ने महाराष्ट्र में दाखिला लिया है। इसके बाद दिल्ली, पंजाब और उत्तर प्रदेश का नंबर है।
मृतका के पिता के मुताबिक 20 अगस्त को उस्मान की अम्मी मुन्नी ने धमकी देते हुए कहा था कि राजीनामा नहीं किया तो जान से मार देंगे। पुलिस ने उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया। आत्महत्या से पहले भी मुन्नी ने पीड़िता को धमकी दी थी।
10 दिसंबर तक ज़िले में धारा-144 लागू रहेगी। इस मामले में 17 नवंबर तक फ़ैसला सुनाए जाने की उम्मीद है। मुस्लिम पक्ष 14 अक्टूबर तक अपनी दलीलें पूरी करेंगे। हिंदू पक्षकारों को अपना जवाब पूरा करने के लिए 16 अक्टूबर तक का समय मिलेगा।
आगजनी की घटना की जानकारी मिलते ही अजमेर पुलिस के महानिरीक्षक संजीव निर्जारी, पुलिस अधीक्षक आदर्श सिद्धू, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गोरधन लाल स्थिति का जायज़ा लेने के लिए घटनास्थल पर पहुँचे। अधिकारियों ने लोगों के बीच बढ़ते ग़ुस्से को भाँपते हुए उन्हें उचित कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया।
“यहूदी मारे-मारे फिरते थे अकेला भारत है, जहाँ उनको आश्रय मिला। परसियन (पारसी) की पूजा और मूल धर्म केवल भारत में सुरक्षित हैं। विश्व के सर्वाधिक सुखी मुस्लिम भारत में मिलेंगे। ये क्यों है? क्योंकि हम हिंदू हैं।”
महिला ने आरोप लगाया, "कई सालों तक मुझपर अत्याचार करने के बाद, कुछ दिन पहले उसने मुझे उसका घर छोड़ने को कहा। लेकिन जब मैंने मना किया, तो उसने मुझे तीन तलाक दे दिया।"
पीएम की भतीजी होने के कारण पुलिस पर झपटमारों को जल्द से जल्द पकड़ने का दबाव बना हुआ था। जिसके चलते पुलिस अपनी ओर से हर मुमकिन कोशिश कर रही थी। पूरे मामले पर आला अधिकारियों की नजर थी और जिला पुलिस, स्पेशल सेल व क्राइम ब्रांच की 20 से ज्यादा टीमें इन्हें दबोचने के लिए प्रयासरत थी।
यह किसी से छुपा नहीं है कि लोकसभा चुनाव में भाजपा को हटाने के लिए स्वरा भास्कर ने सारी हदें पार कर दी थीं, ट्विटर पर लोगों ने स्वरा को टारगेट करके पनौती तक लिख दिया था।