विचार

‘चीन, पाक, इस्लामिक जिहादी ताकतें हो या नक्सली कम्युनिस्ट गैंग, सबको एहसास है भारत को अभी न रोक पाए, तो नहीं रोक पाएँगे’

मोदी 2.0 का प्रथम वर्ष पूरा हुआ। क्या शानदार एक साल, शायद स्वतंत्र भारत के इतिहास का सबसे ज्यादा अदभुत और ऐतिहासिक साल। इस शानदार एक वर्ष की बधाई, अगले चार साल अद्भुत होंगे। आइए इस यात्रा में उत्साह और संकल्प के साथ बढ़ते रहें।

‘राम मंदिर की जगह बौद्ध विहार, सुप्रीम कोर्ट ने माना’ – शुभ कार्य में विघ्न डालने को वामपंथन ने शेयर की पुरानी खबर

पहले ये कहते थे कि अयोध्या में मस्जिद था। अब कह रहे हैं कि बौद्ध विहार था। सुभाषिनी अली पुरानी ख़बर शेयर कर के राम मंदिर के खिलाफ...

कभी PPE किट की कमी तो कभी वेंटिलेटर्स में खोट: जानिए कैसे मीडिया गिरोह ने चीन के लिए की खुलेआम बैटिंग

भारत में पत्रकारों का एक गिरोह सरकार को बदनाम करने और चीन के महिमामंडन में लगा हुआ है। हर चीज में खोट निकाल कर देशी कम्पनियों को...

SatyaHindi की एजेंडा पत्रकारिता… जहाँ सत्य एवं तथ्य को नजरअंदाज करते हैं आशुतोष

आशुतोष जैसे पत्रकार इस वैश्विक महामारी में भी अपने एजेंडा पत्रकारिता से बाज नहीं आ रहे। इनके पोर्टल में जाकर देखा जा सकता है कि...

थम गया रा’फेल’ का राग, नहीं चला ‘न्याय’ का लालच: जब बिल में घुसे ‘इंडिया शाइनिंग’ का तंज कसने वाले

मोदी सरकार 2019 में फिर से चुन कर सत्ता में वापस आई। उससे पहले क्या थे समीकरण और क्या सोच रही थी आम जनता? पढ़िए 1 साल पूर्व हुए महाचुनाव का विश्लेषण।

मोदी 2.0: सत्ता में ना रहने की फिरौती दंगों के रूप में लेने वाले विरोधियों के बीच एक साल

मोदी की जीत, उनका समर्थन और भारत की जनता का किसी नेता पर अभूतपूर्व विश्वास सिर्फ और सिर्फ यही संदेश देते हैं कि मतदाता अब अपना निर्णय लेना जानते हैं और वो उसी के साथ न्याय करेंगे, जो उनके साथ न्याय करेगा।

स्व-घोषित बुद्धिजीवियों और अर्थशास्त्रियों ने सरकार को ऐसे सुझाव दिए हैं जो मेरे भतीजे का हाई स्कूल ग्रुप भी दे सकता है

सरकार को सभी तरफ से आने वाली सहायता को मना कर देना चाहिए और जिन लोगों ने पत्र पर दस्तखत किए हैं, उनकी संपत्ति को सार्वजनिक संपत्ति मानकर इस्तेमाल करना चाहिए।

सहिष्णुता यहीं है, क्योंकि विश्वबंधुत्व, उदारता और बड़प्पन की मिट्टी से बना है हिंदुत्व

आज भारत की संस्कृति ने फिर से अपनी पहचान बनानी शुरू की है, क्योंकि हमने उस पर बिना किसी झेंप के गर्व करना सीख लिया है। आइए भय, पूर्वाग्रह और तुष्टिकरण के परदे से बाहर निकल कर खुली आँखों से सत्य के प्रकाश का अवलोकन करें।

अयोध्या: स्मृतियों को सहेजने की जरूरत ताकि दुनिया भूल न सके हिंदुओं का दमन

अयोध्या की पुण्यभूमि की खुदाई शुरू हो गई है। भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए इसे तैयार किया जा रहा है। भारत का वास्तविक इतिहास प्रस्फुटित होने लगा है।

हिन्दूघृणा की फैक्ट्री है पाताल लोक: अजीत भारती का रिव्यू | Ajeet Bharti on PaatalLok and Hinduphobia in Bollywood

पाताल लोक वेबसीरीज की पटकथा लिखने वाले ने पहले ही सोच लिया था कि किस तरह का प्रोपेगेंडा फैलाना है और फिर इसी के इर्द-गिर्द कहानी रच दी गई।

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