विचार

Free ही Free… अरविंद केजरीवाल, वो नेता जो ‘मुफ्त’ की राजनीति और झूठे वादे का चैंपियन है

2015 में फ्री वाई-फाई से लेकर गली-गली में सीसीटीवी लगाने का वादा करके दिल्ली की सत्ता पर काबिज होने वाले केजरीवाल आज फिर से अपने झूठे वादों की राजनीति खेलकर 2020 फतह करना चाहते हैं लेकिन उनके पिछले वादों की जमीनी हकीकत क्या है, उस पर भी जरा ध्यान डाल लें:

निर्भया, कठुआ, उन्नाव… बाकी 2 लाख रेप विक्टिम को कब मिलेगा ’45 दिन’ वाला न्याय

हाल ही में सुप्रीम कोर्ट को बाल दुष्कर्म के मामलों की जानकारी देते हुए बताया गया था कि इस प्रकार के मामलों के निपटाने की दर महज नौ फीसदी ही है। और यह हालात पोक्सो कानून लागू होने के सात साल बाद की है।

हिन्दुओं की लिंचिंग से हिन्दुओं को ही फर्क नहीं पड़ता तो 49 सेलिब्रिटीज़ से सवाल क्यों?

तुम्हारी लड़ाई वो 49 लोग क्यों लड़ेंगे जिनका अजेंडा ही तुम्हारी सरकार को कमजोर करना है। उनके पास लिखने और बोलने का सामर्थ्य है, क्या तुम्हारे पास वो सामर्थ्य नहीं? अगर है तो वो दिखता क्यों नहीं?

56 इंच: तीन तलाक बिल पर राज्यसभा की बाधा मोदी सरकार ने यूँ की पार

यह बिल भाजपा और मोदी का संदेश था- समर्थकों और विरोधियों दोनों के लिए। दोनों को ही समान संदेश- सरकार राज्यसभा में बहुमत में भले न हो, लेकिन जो उसे करना है, जिसे वह उचित समझती है, उसे वह करके रहेगी।

Zomato वालो, हलाल के समय ‘Food has no Religion’ कहाँ गया?

Zomato के तथाकथित मूल्य कितने खोखले हैं, इसकी नज़ीर यह है कि जब एक 'शांतिप्रिय' ने गैर-हलाल खाने के लिए शिकायत की, तो Zomato उसके चरणों में गिर गया। उस समय उसके 'मूल्य' हवा हो गए।

डेरेक ‘नो ब्रेन’: न तो विधेयक पिज़्ज़ा है और न ही संसद चुंगी का अखाड़ा

जब सरकार संवैधानिक दायरे में रह कर, तय तरीके से, तय समय में, वोटिंग के जरिए बिल पास करा रही है तो एक हिस्से को इससे समस्या क्या है? डेरेक की आपत्ति का मूल बेहद खोखला है। उन्हें यह बताना चाहिए कि क्या किसी तरह का कोई गलत बिल पास हुआ है?

‘द वायर’ वालो, JNU-छाप माओवंशी वामभक्तों के ज़हर को छाप कर कब तक दुकान चलाओगे?

जेएनयू ने ईमानदार विचारक और बौद्धिक कम, बौद्धिकता और विचारधारा को हथियार बनाकर एक्टिविज़्म करने वाले एक्टिविस्ट, यानी नक्सली आतंकी, ज़्यादा तैयार किए हैं।

35A उन्मूलन: 370 हटाने का वह ‘द्वार’, जिस पर ‘कश्मीरियत’ के जिहादी नेता दे रहे पहरा

हिन्दुस्तान की संसद की तरफ से 370 का हटाया जाना जिहादी मानसिकता वाले 'अलगाववादी' स्वीकार नहीं करेंगे। इसे रोकने के लिए 35A के पक्ष में 'कश्मीरियत' के तीनों गुट हार्डकोर जिहादी (लश्कर, जमाते-इस्लामी), 'सॉफ़्ट' जिहादी (हुर्रियत, आसिया अंद्राबी) और जिहादियों के हिमायती नेता...

SCROLL से सीखिए हिमा दास की काबिलियत पर तर्कों के साथ शक करना

विनय की गणित के मुताबिक भले ही इतनी जीतों के बावजूद भी हिमा योग्य नहीं हैं, लेकिन हमें फिर भी उम्मीद है कि टोक्यो ओलंपिक में मेडल आएगा। इसका ये मतलब नहीं है कि हम उनके 5 मेडल की चमक में अंधे होकर उनसे आस लगा रहे हैं।

सागरिका हम समझते हैं, कुंठा छिपाने और अपनी किताब बेचने का यह तरीका पुराना है

सागरिका युद्धों के बारे में अपनी जानकारी को थल सेना के एक अधिकारी से ज्यादा सिद्ध करने की मूर्खतापूर्ण कोशिश में लगी रही। ये अलग बात है कि युद्धों का उनका कुल अनुभव शून्य ही होगा। हाँ, उनके पति महोदय का न्यूयॉर्क में कुछ नागरिकों से हाथापाई का अनुभव जरूर है।

ताज़ा ख़बरें

प्रचलित ख़बरें