महबूबा मुफ़्ती ने केंद्र से सवाल किया कि यात्रियों, पर्यटकों और छात्रों को कश्मीर से जाने को कहा गया है, कश्मीरियों को राहत देने की कोशिश नहीं की जा रही है। कहाँ गई इंसानियत, कश्मीरियत और जम्हूरियत?”
संसद भवन में गृह मंत्रालय की उच्चस्तरीय बैठक जारी है। गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में जारी इस बैठक में एनएसए अजीत डोभाल और गृह सचिव राजीव गाबा भी मौजूद हैं।
जिस छात्र के साथ यह घटना घटित हुई थी वो बीए तृतीय वर्ष का छात्र अखिल चंद्रन था। इस घटना के पीछे वामपंथी छात्र संगठन SFI के कार्यकर्ताओं का हाथ था। चंद्रन के सीने में SFI के अध्यक्ष आर शिवरंजीथ ने चाकू मारा था, जबकि संगठन के सचिव एएन नसीम ने उसे पकड़ रखा था।
सुबह के तकरीबन 11:30 बजे फूड एंड सप्लाई मिनिस्टर इमरान हुसैन इलाके में दो दुकानों पर विभागीय जाँच के लिए पहुँचे थे। टीम ने राशन की दुकान के रिकॉर्ड में अनियमितता पाया। जिसके बाद दुकान के मालिक और परिवार के सदस्यों ने विधायक पंकज पुष्कर और उनके कार्यालय प्रभारी देवेश कुमार की जमकर पिटाई की।
इस पर शहनवाज हुसैन ने जवाब देते हुए कहा कि खौफ नहीं है आप लोग खौफ फैला रहे हैं। आप सियासी पार्टी हैं या अफवाह फैलाने वाली पार्टी। सेना वहाँ जा रही है तो आप लोगों को डर क्यों लगने लगा।
एडवायजरी के सवाल पर राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा कि अगर यहाँ कुछ होता है तो, पूरे देश में माहौल खराब होगा और हम इसी से बचना चाहते थे। उन्होंने जम्मू-कश्मीर को लेकर फैल रही अफवाहों पर कहा कि मैंने दिल्ली में सभी से बात की है और किसी ने भी इस ओर इशारा नहीं किया है।
"मैं राजनीति से संन्यास लेने की सोच रहा हूँ। मैं गलती से राजनीति में आ गया था। मैं गलती से मुख्यमंत्री बन गया था। भगवान ने मुझे दो बार मुख्यमंत्री बनने का मौका दिया।"
सीटों के बँटवारे को लेकर मुख्यमंत्री फड़णवीस ने कहा कि यह आँकड़ा 130 से 140 तक हो सकता है और बाक़ी बची सीटों को सहयोगी दलों के बीच बाँट दी जाएँगी। बता दें कि महाराष्ट्र में कुल विधानसभा सीटें 288 हैं।
गृह मंत्री ने कॉन्ग्रेस के दिनों को याद करते हुए लिखा कि तीन दशक पूर्व एक अवसर तब आया था, जब शाहबानो मामले में 400 से अधिक सांसदों वाली कॉन्ग्रेस मुस्लिम महिलाओं को इस दंश से मुक्त करा सकती थी। मगर, तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गाँधी ने मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड, मौलवियों और वोट बैंक की राजनीति के दबाव में आकर एक नया कानून लाकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलट दिया।