जम्मू-कश्मीर की अलगाववादी नेता आसिया अंद्राबी सहित गिरफ्तार अलगाववादी नेताओं ने 2017 के जम्मू-कश्मीर आतंकी फंडिंग मामले में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। आसिया अंद्राबी ने कबूल किया कि वो विदेशी स्रोतों से फंड लेती थी और इसके एवज में...
ये वही सज्जाद भट्ट है, जिसकी कार 14 फरवरी को पुलवामा में हुए आत्मघाती हमले में इस्तेमाल हुई थी। आत्मघाती हमलावर आदिल डार को कार देने के बाद सज्जाद भट खुद भी जैश-ए-मोहम्मद में शामिल हो गया था।
"भारत में हुए सारे आतंकी हमलों के लिए मोहन भागवत ही ज़िम्मेदार हैं, चाहे वो 26/11 का मुंबई हमला हो या फिर पुलवामा हमला। इतिहास में महात्मा बुद्ध और महावीर ने ब्राह्मणवादी जातिवाद के ख़िलाफ़ लड़ाइयाँ लड़ी थीं। तुम एक राष्ट्रवादी नहीं हो, एक रेसिस्ट और हत्यारे हो।"
स्थानीय मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा था कि कॉन्ग्रेस का कोई भविष्य नहीं है, और भाजपा ही केसीआर के नेतृत्व वाली टीआरएस को चुनौती देने की क्षमता रखती है।
"जो घबरा रहा है, जो समझौता करना चाहता है, जिसका दिल इस संघर्ष में नहीं है, उसके लिए रायबरेली कॉन्ग्रेस और यूपी की कॉन्ग्रेस में कोई जगह नहीं है। कॉन्ग्रेस में काम करना है, तो दिल से करना है और इसके लिए संघर्ष करना पड़ेगा।"
कोडिरुन्निल द्वारा लोकसभा में हिंदी में शपथ लेने से यूपीए अध्यक्ष सोनिया गाँधी खासा नाराज हो गईं। सोनिया ने इसके लिए सांसद को डांट भी लगाई कि उन्होंने मलयालम की जगह हिंदी में शपथ क्यों ली। इसके बाद सोनिया ने केरल के अन्य सांसदों को मलयालम में शपथ लेने के लिए कहा।
विनय 16 जून को भारत-पाक मैच में हुई भारत की जीत पर खुशी मना रहा था, तभी 'समुदाय विशेष' के कुछ लोगों के साथ उसकी झड़प हुई थी। देर रात हुई इस झड़प के बाद विनय अपनी झोपड़ी में सोने चला गया। सोमवार की सुबह गाँव वालों ने देखा कि विनय की झोपड़ी से धुआँ उठ रहा है।
भारत-पाकिस्तान मैच के बाद का जश्न देश अभी ठीक से मना भी नहीं पाया, तभी मातम की खबर आ गई। यह खबर आई है जम्मू कश्मीर से, जहाँ आंतिकयों ने पिछले 24 घंटे के भीतर 4 अलग-अलग हमले किए। इन हमलों में हमारे 3 जवान वीरगति को प्राप्त हुए। ऑपइंडिया की ओर से उनको श्रद्धांजलि।
लोकसभा अध्यक्ष के लिए नाम पर चल रहा सस्पेंस खत्म हो गया है। कोटा से बीजेपी सांसद ओम बिड़ला लोकसभा के नए स्पीकर होंगे। ओम बिड़ला अमित शाह के काफी करीबी माने जाते हैं। राजस्थान में विधानसभा चुनावों के दौरान उन्हें संगठन की जिम्मेदारी भी दी गई थी।
आतंकी गुट भारतीय एजेंसियों द्वारा लगातार नजर रखे जाने के कारण नेपाल जाकर ISI के एजेंटों से मुलाकात कर रहे हैं। खुफिया रिपोर्ट के अनुसार बिहार-यूपी से सटे तराई के कई इलाकों में कई आतंकी संगठन लोगों को भर्ती करने की साज़िश में लगा हुआ है।