फ्रंटलाइन के संपादक ने स्वीकार किया है कि उनकी रिपोर्ट झूठी है और इस सम्बन्ध में एक अन्य रिपोर्ट प्रकाशित की जाएगी। वहीं दूसरी ओर, TV9 Bharatvarsh ने अपनी वेबसाइट और Youtube से अपनी रिपोर्ट हटा दी है।
निजी कारणों के लिए नौसेना की संपत्ति का उपयोग करने की परंपरा राजीव गाँधी द्वारा शुरू नहीं की गई थी। जवाहरलाल नेहरू ने इस पुश्तैनी परंपरा की शुरुआत की थी वो भी "आदमखोर" महिला मित्र एडविना माउंटबेटन के लिए।
नरसिम्हा राव ने शांति भूषण के आग्रह पर किसी उच्चपदस्थ मंत्री से बात की थी लेकिन उधर से दंगों को रोकने के लिए सेना की तैनाती के संबंध में कोई उत्तर नहीं मिला जिसके बाद राव चुप हो गए थे तब शांति भूषण वहाँ से चले गए थे।
अभी हाल ही में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को थप्पड़ मारने की ख़बर सामने आई थी, इसी बीच कॉन्ग्रेस नेता नवजोत सिंह पर एक महिला द्वारा अपनी चप्पल (स्लीपर) मारने की ख़बर का ख़ुलासा हुआ है।
सुजीत ने अपना पैसा वापस लेने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ी। उन्होंने अपनी शिकायत को लोक अदालत में दर्ज कराया लेकिन लोकअदालत ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर बताकर मामले को ख़ारिज कर दिया।
पति द्वारा इस तरह की हरकत किए जाने से दुःखी पीड़िता ने भोईवाड़ा पुलिस स्टेशन में शिकायत की है। भोईवाड़ा थाने के वरिष्ठ निरीक्षक कल्याण कार्पे ने बताया कि उन्हें पीड़ित दिव्यांग महिला की ओर से सोमवार को शिकायत मिली है। पुलिस ने बताया कि वो लोग इस पर क़ानूनी सलाह ले रहे हैं।
हाल ही में मतदाताओं से अपनी ऊँगली का इस्तेमाल स्वरा भास्कर की तरह नहीं, बल्कि समझदारी से मतदान के लिए करने की अपील करने वाले ‘प्लाकार्ड गाय’ ने नई पहल शुरू की है। इस बार प्लाकार्ड की मदद से मधुर सिंह ने केजरीवाल द्वारा उनके राज्य दिल्ली में ही फैलाए गए उनके ‘रायतों’ और धरनों के बीच भुला दिए गए उनके वायदों की याद दिलाई है।
इस तस्वीर पर राखी सावंत ने यह स्पष्ट किया है कि उन्हें अपने देश 'भारत' से प्यार है और वो ऐसा केवल फ़िल्म "धारा 370" के लिए कर रही हैं। इसमें उन्हें पाकिस्तानी झंडे में लिपटा हुआ दिखाया गया है। इस फ़िल्म में वो एक पाकिस्तानी नर्तकी की भूमिका निभा रही हैं। फिल्म की कहानी कश्मीरी लोगों के जिहादी बनने पर आधारित है।
सिविल अस्पताल के अधीक्षक डॉ गणेश गोवेकर को जब यह जानकारी मिली कि नरेंद्र मोदी के चाचा अस्पताल में भर्ती हैं तो उन्होंने फोन कर के हालचाल लिया और डॉक्टरों को अच्छी तरह इलाज करने का निर्देश दिया।
इस याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने चुनाव प्रक्रिया में दखल देने से साफ़ मना किया। उन्होंने कहा कि उन्हें कोई कारण नहीं दिखाई दिया जिससे कि तेजबहादुर की याचिका पर गौर किया जाए।