ब्रिटिश नागरिकता और उनके नाम (राउल विंची) को लेकर पहले भी विवाद उठ चुका है, जिसके लिए भारतीय गृह मंत्रालय ने बड़ा क़दम उठाते हुए राहुल गाँधी को नोटिस थमाकर उनकी विदेशी नागरिकता पर 15 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण माँगा था।
केंद्र सरकार ने ग़ैर सरकारी संगठन के FCRA लाइसेंस को रद्द कर दिया था, लेकिन दोषी व्यक्तियों के ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। याचिका में आरोप लगाया गया कि इनके द्वारा जुटाए गए धन का राष्ट्र के ख़िलाफ़ गतिविधियों में दुरुपयोग किया गया।
अब आरटीआई से मिले एक जवाब से भी पता चल गया है कि सत्यनिष्ठ, धर्मनिष्ठ डॉक्टर साहब के राज में कोई सर्जिकल स्टाइक नहीं हुई थी। शायद डॉक्टर साहब को अरुण शौरी ने बताया होगा, “आपको भले न पता हो लेकिन हमें मालूम है कि अहमद पटेल ने कई सर्जिकल स्ट्राइक की थीं लेकिन राष्ट्रहित में आपको भी पता नहीं चलने दिया।
अभी हाल ही में केरल में एक आतंकी की गिरफ़्तारी भी हुई है, जो ज़ाकिर नाइक के वीडियो देख-देख कर आत्मघाती हमलावर बनने की योजना बना रहा था। प्रवर्तन निदेशालय ने कहा है कि ज़ाकिर नाइक के पास कारोबार, रोज़गार या फिर व्यापार से आय का कोई स्रोत नहीं है।
ककरहिया गाँव के बारे में बता दें कि इस गाँव को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आदर्श ग्राम योजना के तहत 23 अक्टूबर 2017 को गोद लिया गया था। इसके बाद गाँव में हुए विकास ने वहाँ के लोगों का जीवन बदल कर रख दिया।
सीपीएम कार्यकर्ताओं के इस कार्य के पीछे ममता बनर्जी और तृणमूल कॉन्ग्रेस के प्रति उनकी कट्टर विरोधी सोच है। जहाँ कॉन्ग्रेस बंगाल से लगभग साफ़ हो चुकी है और सीपीएम को लगातार आज़माने के बाद लोगों ने उसे उखाड़ फेंका, ममता विरोधी सीपीएम कैडर को भाजपा की मदद करने में फायदा दिख रहा है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विवादित बयान देते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को ‘लतखोर' और 'धरनामंत्री’ कह डाला। उन्होंने केजरीवाल से सवाल करते हुए कहा कि AAP प्रमुख शहर की सरकार के मुखिया हैं अथवा धरना और प्रदर्शन के नेता हैं?
मेहमानों की सूची में राहुल और प्रियंका के चार दोस्त, सोनिया गाँधी की बहन, बहनोई और उनकी बेटी, उनकी विधवा माँ आर. मैनो, उनके भाई और एक मामा शामिल थे। साथ ही पूर्व सांसद अमिताभ बच्चन, उनकी पत्नी जया और उनके तीन बच्चे भी मौजूद थे।
पीड़िता के पिता द्वारा दी गई शिकायत के मुताबिक, छोटू और सूरज दोनों उनके घर गए और बेटी का विश्वास जीतकर उसे अगवा कर ले गए। यह घटना मार्च के पहले सप्ताह में हुई थी।