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‘छपरा में फँस गई गंगा विलास क्रूज’: अखिलेश यादव का दावा निकला झूठा, मीडिया ने भी चलाई खबर – जानिए क्या है सच्चाई

केन्द्रीय बंदरगाह एवं  जहाजरानी मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने ट्वीट कर NDTV का एक एक वीडियो शेयर किया। वीडियो में चैनल की एंकर ने क्रूज के मालिक राज सिंह से बातचीत की है।

विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स में गंगा विलास क्रूज के छपरा में फँसने की रिपोर्ट चलाई जा रही है। बताया जा रहा है कि छपड़ा में गंगा का जलस्तर कम होने की वजह से यह क्रूज फँस गया था। समाजवादी पार्टी के नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक मीडिया संस्थान के हवाले से इस संबंध में ट्वीट कर दिया था। हमने जब फैक्ट चेक किया तो पता चला कि यह खबर पूरी तरह से फर्जी है।

अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया, “अब समझ आया क्रूज़ और नाव का फ़र्क़? अब क्या इन यात्रियों को हवाई जहाज़ के माध्यम से ‘वायु विलास’ कराएँगे?”

वहीं भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) के चेयरमैन संजय बंदोपाध्याय ने इस खबर का खंडन किया। उन्होंने ट्वीट कर बताया, “तय कार्यक्रम के मुताबिक गंगा विलास पटना पहुँच गया। शिप के छपरा में फँसने की खबर में बिल्कुल भी सच्चाई नहीं है। शिप शेड्यूल के अनुसार अपनी आगे की यात्रा जारी रखेगा।”

दूसरी और पीआईबी फैक्ट चेक ने भी इस खबर को निराधार बताया है। ट्वीट में कहा गया है कि ANI ने दावा किया था कि कम पानी की वजह से क्रूज छपरा में फँस गई थी। यह दावा फर्जी है। क्रूज नहीं फँसा था और तय समय के अनुसार पटना पहुँच गया था।

केन्द्रीय बंदरगाह एवं  जहाजरानी मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने ट्वीट कर NDTV का एक एक वीडियो शेयर किया। वीडियो में चैनल की एंकर ने क्रूज के मालिक राज सिंह से बातचीत की है। राज सिंह कहते हैं कि यह खबर पूरी तरह से फर्जी है, शिप पटना पहुँच गई है। शिप अपने मुख्य चैनल में ही थी।

उन्होंने आगे कहा, “शिप सारण के चिरांद के पास रुका और कम पानी और बड़े शिप होने की वजह से इसे इसे किनारे नहीं ले जाया जा सकता। पर्यटकों को वहाँ से लाया गया। यह एक सामान्य प्रक्रिया है। हम पटना में भी क्रूज को जेट्टी के पास सुरक्षा कारणों से नहीं ले गए। यह भी एक सामान्य प्रक्रिया है और इसमें कुछ भी गलत नहीं है।”

फैक्ट चेक करने के बाद हम इस नतीजे पर पहुँचे की गंगा विलास क्रूज के छपरा में फँसने की बात गलत है। क्रूज बिना किसी अवरोध के अपने तय समय से चल रही है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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