Tuesday, July 23, 2024
Homeदेश-समाजबाटला हाउस एनकाउंटर में शामिल पुलिस अधिकारी की सड़क दुर्घटना में मौत, होने वाला...

बाटला हाउस एनकाउंटर में शामिल पुलिस अधिकारी की सड़क दुर्घटना में मौत, होने वाला था प्रमोशन: 2 आतंकियों को मार गिराया था

जनकपुरी गाँव के पोशनगीरपुर के रहने वाले संजीव कुमार को दिल्ली पुलिस की ओर से 2 बार आउट ऑफ टर्न प्रमोशन भी मिल चुका था।

बटला हाउस (Batla house) एनकाउंटर में शामिल रहे दिल्ली पुलिस के SI संजीव कुमार लोचन (52) (Sanjeev Kumar Lochan) साल की एक्सीडेंट में मौत हो गई है। SI लोचन अपने राष्ट्रपति पदक और गैलेंट्री अवॉर्ड से सम्मानित हो चुके हैं। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के बाद उनके शव को परिजनों सौंप दिया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, SI संजीव कुमार लोचन 28 दिसंबर 2021 को हादसे का शिकार उस वक्त हुए जब वो द्वारका में बाबा हरिदास नगर थाने के सामने अपनी कार पार्क कर सड़क पार कर रहे थे। उसी दौरान एक बाइक पर सवार तीन युवकों ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। इस घटना में बुरी तरह से घायल होने के बाद पुलिस अधिकारी को वेंकटेश्वर अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती किया गया था. जहाँ डॉक्टरों ने उनकी हालत को गंभीर बताते हुए सीधे आईसीयू में भर्ती किया। हालाँकि, उन्हें बचाया नहीं जा सका।

जनकपुरी गाँव के पोशनगीरपुर के रहने वाले संजीव कुमार को दिल्ली पुलिस की ओर से 2 बार आउट ऑफ टर्न प्रमोशन भी मिल चुका था। 28 साल तक स्पेशल सेल में तैनात रहे लोचन कई सारे ऑपरेशंस को अंजाम दे चुके हैं। उल्लेखनीय है कि संजीव लोचन ने 1988 में एक कॉन्स्टेबल के तौर पर पुलिस फोर्स ज्वाइन किया था। वो हरिदासनगर पुलिस स्टेशन में तैनात थे। उन्होंने दो बांग्लादेशी आतंकियों को मार गिराया था।

SI लोचन के बेटे वंश ने पिता की मृत्यु पर कहा, “पापा शाम करीब साढ़े छह बजे घर से निकले थे। हमें बताया गया कि उसने अपनी कार पार्क की थी और थाने में प्रवेश कर रहा था तभी बाइक ने उसे टक्कर मार दी। हालाँकि, पुरुषों को गिरफ्तार कर लिया गया था, वे जमानत पर छूट गए हैं। हमने इंतजार किया और उम्मीद की थी कि पापा ठीक हो जाएँगे लेकिन हमने उन्हें खो दिया।”

वहीं संजीव कुमार के बड़े भाई (56) CISF के रिटायर्ड अधिकारी हैं, उन्होंने कहा, “संजीव मेहनती और ईमानदार आदमी थे। उसे एक और प्रमोशन मिलने वाला था। उसने कुछ दिन पहले ही मुझे बताया था कि वो जल्द ही इंस्पेक्टर बनने वाला है। मैं उसको लेकर बहुत खुश था। हम अभी भी उसके साथ हुई घटना को लेकर सदमे में हैं। मैंने लापरवाह लोगों के कारण अपना भाई खो दिया।”

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘कोई भी कार्रवाई हो तो हमारे पास आइए’: हाईकोर्ट ने 6 संपत्तियों को लेकर वक्फ बोर्ड को दी राहत, सेन्ट्रल विस्टा के तहत इन्हें...

दिसंबर 2021 में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने हाईकोर्ट को आश्वासन दिया था कि वक्फ बोर्ड की संपत्तियों को कोई नुकसान नहीं पहुँचाया जाएगा।

‘कागज़ पर नहीं, UCC को जमीन पर उतारिए’: हाईकोर्ट ने ‘तीन तलाक’ को बताया अंधविश्वास, कहा – ऐसी रूढ़िवादी प्रथाओं पर लगे लगाम

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने कहा है कि समान नागरिक संहिता (UCC) को कागजों की जगह अब जमीन पर उतारने की जरूरत है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -