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रुपए दो नहीं तो पैर में से रॉड बाहर निकाल लूँगा: राजस्थान में सरकारी डॉक्टर ने मरीज को धमकाया

वीडियो में डॉक्टर साफ़-साफ़ कहता दिख रहा है कि उसने प्लेट बाहर से मँगाई है। उक्त मरीज के पास 'भामाशाह कार्ड' भी था लेकिन डॉक्टर कुछ भी सुनने को तैयार नहीं था। डॉक्टर ने मरीज से कहा कि जल्दी रुपए दो क्योंकि तुम्हारे कारण मेरे बाकि मरीज फँसे हुए हैं।

राजस्थान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल सवाई मानसिंह में एक मरीज के साथ डॉक्टर द्वारा बदतमीजी करने की ख़बर आई है। डॉक्टर ने मरीज के साथ जबरदस्ती की। सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो में देखा जा सकता है कि डॉक्टर निवेन्दु द्वारा एक मरीज के परिजनों से रुपए लेने के लिए जबरदस्ती कर रहे हैं। उक्त मरीज के पैर में इलाज के दौरान रॉड लगाया गया था। इसके रुपए को लेकर डॉक्टर और मरीज के परिजनों के बीच झड़प हुई।

डॉक्टर ने मरीज से कहा कि अगर रुपए नहीं दिए गए तो वह पैर में डाला गया रॉड वापस निकाल लेगा। रिश्तेदार ‘भामाशाह योजना’ के तहत निःशुल्क इलाज की बात कह रहे थे लेकिन डॉक्टर ने कहा कि प्लेट भामाशाह योजना से नहीं आती है। डॉक्टर ने कहा कि प्लेट बाहर से आती है जिसका इम्प्लांट ख़रीदा गया और दुकानदार को अभी तक इसका पेमेंट नहीं किया गया है।

सवाई मानसिंह अस्पताल के डॉक्टर ने की मरीज के साथ बदसलूकी (साभार: न्यूज़ 18)

डॉक्टर ने कहा कि इसीलिए वह दूसरे मरीजों को भी इम्प्लांट नहीं दे रहा है। बता दें कि राजस्थान में ‘भामाशाह योजना’ के तहत यह व्यवस्था दी गई थी कि कोई भी इम्प्लांट बाहर से नहीं आएगा जबकि वीडियो में डॉक्टर साफ़-साफ़ कहता दिख रहा है कि उसने प्लेट बाहर से मँगाई है। उक्त मरीज के पास ‘भामाशाह कार्ड’ भी था लेकिन डॉक्टर कुछ भी सुनने को तैयार नहीं था। डॉक्टर ने मरीज से कहा कि जल्दी रुपए दो क्योंकि तुम्हारे कारण मेरे बाकि मरीज फँसे हुए हैं।

ऑर्थो विभाग के यूनिट हेड ने सफाई देते हुए कहा कि मरीज तुरंत ऑपरेशन चाहता था, इसीलिए उसके पास ‘भामाशाह कार्ड’ होने के बावजूद भी बाहर से इम्प्लांट मँगा कर उसकी सर्जरी की गई। सवाई मानसिंघ अस्पताल के अधीक्षक ने मामले की जाँच के लिए टीम के गठन की बात कही है। मरीज सत्यनारायण मीणा का सोमवार (सितम्बर 16, 2019) को एक्सीडेंट हो गया था, जिसमें उसका पैर डैमेज हो गया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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