Saturday, July 20, 2024
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सरकारी स्कूल को बनाएँ शानदार, CM योगी ने किया था आह्वान: 5000+ अधिकारियों और नेताओं ने बढ़ाया हाथ

जिन 3 जिलों में स्कूलों को गोद लेने के सबसे अधिक आवेदन आए वो जौनपुर, बांदा और कानपुर नगर हैं। इस लिस्ट में अमेठी, रायबरेली, शामली, गोरखपुर,फ़िरोज़ाबाद, महराजगंज, मुजफ्फरनगर और प्रतापगढ़ काफी पीछे रहे।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2 माह पहले राजपत्रित अधिकारियों से सरकारी स्कूलों को गोद लेने की अपील की थी। इस अपील में स्कूलों के अंदर शिक्षा व्यवस्था के सुधार के साथ छात्रों की अन्य सुविधाओं में सहयोगी बनने की अपील की गई थी। इस अपील के महज 2 माह के अंदर शिक्षा विभाग को 4640 आवेदन मिले हैं जो स्कूलों में बदलाव में भागीदारी करना चाहते हैं। इन आवेदनों को करने वालों में विधायक, सांसद और कई अन्य जन प्रतिनिधि भी शामिल हैं।

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक जिन 3 जिलों में स्कूलों को गोद लेने के सबसे अधिक आवेदन आए वो जौनपुर, बांदा और कानपुर नगर हैं। जौनपुर में 179, बांदा में 178 और कानपुर नगर में 176 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इस लिस्ट में अमेठी, रायबरेली, शामली, गोरखपुर,फ़िरोज़ाबाद, महराजगंज, मुजफ्फरनगर और प्रतापगढ़ काफी पीछे रहे। इन जिलों में आवेदनों की संख्या दहाई अंकों तक भी नहीं पहुँच पाई।

दरअसल 31 मार्च 2022 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘स्कूल चलो अभियान’ के तहत उन्होंने तमाम जनप्रतिनिधियों से स्कूलों के विकास में भागीदारी की अपील की थी।

कुछ ही समय बाद उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव डी एस मिश्रा ने भी एक आदेश जारी करके कायाकल्प प्रोजेक्ट के तौर पर स्कूलों के विकास में हिस्सेदारी करने के लिए कहा था। यह सरकार की सबसे बड़ी अंतरविभागीय योजनाओं में से एक है।

स्कूलों के इस विकास की भागीदारी में छात्रों को साफ़ सुथरा शैक्षणिक वातावरण देने और उनकी पढ़ाई की मूलभूत जरूरतों को पूरा करना शामिल था। इस भागीदारी में स्कूल के भवन निर्माण, उनको पंखे बिजली के सामान और डेस्क आदि देना, बच्चों के लिए खेल का सामान उपलब्ध करवाना, क्लासरूम को डिजिटल और स्मार्ट क्लास रूम बनाने के लिए ऑडियो-वीडियो उपकरण देना शामिल है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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