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‘ऐसा थप्पड़ मारूँगा कि आने वाले बच्चे भी बहरे पैदा होंगे’: जिस दलित लड़की का रेप-मर्डर, उसके परिजनों को धमकाने का राजस्थान पुलिस पर आरोप

पीड़ित दलित परिवार का कहना है कि शुरुआत में वे थाने में शिकायत लेकर गए तो उनकी सुनवाई नहीं हुई। कथित तौर पर एक पुलिसकर्मी ने लड़की की माँ से कहा, "तुम यहाँ से चुपचाप चली जाओ, तुम्हारी बेटी तो घूम घाम कर अपने आप ही वापस आ जाएगी।"

राजस्थान में करौली में एक दलित लड़की की कथित तौर पर एकतरफा प्यार में रेप के बाद हत्या कर दी गई। पीड़ित परिजनों ने पुलिस पर भी धमकाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि शुरुआत में थाने में उनकी सुनवाई नहीं हुई। पुलिस ने उन्हें पीटने की धमकी दी। इन आरोपों के बाद दो पुलिसकर्मी लाइन हाजिए किए गए हैं।

दलित लड़की को अगवा कर रेप और हत्या करने के आरोप में गोलू मीणा को गिरफ्तार किया गया है। लड़की का शव कुएँ में डाल दिया गया था। पीड़िता और आरोपित दोनों ही दलित समुदाय से हैं। यह घटना 11-12 जुलाई 2023 की दरम्यानी रात की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला करौली जिले के नादौती इलाके का है। यहाँ का रहने वाला गोलू मीणा और मृतका एक-दूसरे से लम्बे समय से परिचित थे। बताया जा रहा है कि दोनों के घर वालों को उनका रिश्ता मंजूर नहीं था। इस बीच 4 माह पहले लड़की का परिजनों ने रिश्ता कहीं और तय कर दिया। यह बात गोलू मीणा और लड़की, दोनों को नागवार गुजरी थी। पुलिस का कहना है कि 11-12 जुलाई 2023 की रात लड़की गोलू मीणा के पास उसके घर गई थी। यहाँ दोनों के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ।

बताया जा रहा है कि झगड़े के बाद गोलू मीणा ने लड़की को अपने पास रखी बंदूक से गोली मार दी। लड़की की जान निकलने के बाद उसका शव बाइक पर रख कर गाँव के ही एक कुएँ में फेंक दिया और मौके से भाग निकला। पुलिस ने गोलू मीणा को शनिवार (15 जुलाई 2023) को जयपुर से गिरफ्तार किया था। गोलू से हुई पूछताछ के बाद उसके साथी को भी पकड़ा गया है। हालाँकि लड़की के परिवार का आरोप है कि रेप के बाद हत्या की गई। वे एसिड से जलाने का भी आरोप लगा रहे हैं। इन आरोपों की जाँच हो रही है।

वैसे अभी तक हत्या में प्रयुक्त हथियार बरामद नहीं हो पाया है। गोलू मीणा का पिता नहना भी पुलिस की हिरासत में है। इस बीच मृतका के घर वालों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि शुरू में जब वे थाने में शिकायत लेकर गए थे, तब उनकी सुनवाई नहीं हुई। कथित तौर पर एक पुलिसकर्मी ने लड़की की माँ से कहा, “तुम यहाँ से चुपचाप चली जाओ, तुम्हारी बेटी तो घूम घाम कर अपने आप ही वापस आ जाएगी।” जब पीड़ित परिजन अपनी माँग पर डटे रहे तब उन्हीं के परिवार के एक सदस्य को जेल भेजने की धमकी देने का आरोप भी पुलिस पर है। एक अन्य पुलिसकर्मी ने पीड़ितों से कहा, “ऐसा थप्पड़ मारूँगा कि आने वाले बच्चे भी बहरे पैदा होंगे।”

करौली की SP ममता गुप्ता ने इस मामले का संज्ञान लिया है। रविवार (16 जुलाई) को उन्होंने शिवलाल मीणा और प्रेमचंद नाम के 2 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जाँच चल रही है। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात की है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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