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जहाँ वनवास के दौरान रुके थे रघुकुल नायक, वहाँ बनेगा उनका भव्य मंदिर: शिलान्यास के लिए कर्नाटक पहुँचेंगे योगी आदित्यनाथ, ऐसी होगी ‘दक्षिण की अयोध्या’

बता दें कि इससे पहले, सीएन अश्वथ नारायण ने मुख्यमंत्री बोम्मई और राज्य की धर्मादा मंत्री शशिकला जोले को एक पत्र लिखकर मंदिर निर्माण की माँग की थी।

अयोध्या में राम लला के भव्य-दिव्य मंदिर का निर्माण जोरों-शोरों से चल रहा है। इस बीच कर्नाटक सरकार ने, रामनगर जिले में स्थित प्राचीन रामदेवरा बेट्टा (Ramdevara Betta) मंदिर को अयोध्या की तरह ही भव्य बनाने का ऐलान किया है। इस मंदिर का शिलान्यास उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कर्नाटक की बसवराज बोम्मई सरकार अयोध्या में बन रहे राम लला के मंदिर ही तरह रामदेवरा बेट्टा को दक्षिण भारत की अयोध्या बनाना चाहती है। इस मंदिर निर्माण को लेकर राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ सीएन अश्वथ नारायण ने कहा है कि रामदेवरा बेट्टा में राम मंदिर बनाने के फैसले की घोषणा राज्य के अगले बजट में की जाएगी।

उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा है, “जिस तरह उत्तर भारत के अयोध्या में राम मंदिर बन रहा है, उसी तरह कर्नाटक में राम मंदिर का निर्माण होगा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कर्नाटक आएँगे और मंदिर के लिए चिह्नित की जाने वाली भूमि का निरीक्षण करेंगे।” बता दें कि इससे पहले, सीएन अश्वथ नारायण ने मुख्यमंत्री बोम्मई और राज्य की धर्मादा मंत्री शशिकला जोले को एक पत्र लिखकर मंदिर निर्माण की माँग की थी। पत्र में उन्होंने कहा था कि रामदेवराबेट्टा में धर्मादा विभाग की 19 एकड़ जमीन का इस्तेमाल करके श्रीराम मंदिर का निर्माण किया जाना चाहिए।

रामदेवरा बेट्टा मंदिर को लेकर मान्यता है कि त्रेतायुग में इस मंदिर का निर्माण वानर राज सुग्रीव ने कराया था। सुग्रीव ने ही प्रभु श्रीराम की मूर्ति भी मंदिर में स्थापित की थी। यही नहीं, स्थानीय लोगों की मान्यता है कि भगवान श्रीराम ने वनवास के समय, माता सीता और लक्ष्मण के साथ यहाँ एक वर्ष बिताया था।

हालाँकि, अब इस मंदिर निर्माण को लेकर विरोध के स्वर भी उठने लगे हैं। जेडीएस नेता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कहा, “मैं अपने दम पर एक मंदिर का निर्माण कर सकता हूँ। यूपी के सीएम को लाने की कोई जरूरत नहीं है। कर्नाटक दिवालिया नहीं हुआ है। मेरे पास अपने दम पर मंदिर बनाने की ताकत है। मैं शिलान्यास समारोह के लिए वोक्कालिगा समुदाय के धार्मिक प्रमुखों और सुत्तूर संत को भी ला सकता हूँ।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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