Homeराजनीतिसड़कों पर न पढ़ी जाए नमाज, न प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी हो: बकरीद से...

सड़कों पर न पढ़ी जाए नमाज, न प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी हो: बकरीद से पहले UP में CM योगी ने दिए सख्त निर्देश, अधिकारियों से कहा- 24 घंटे एक्टिव रहने की जरूरत

सीएम योगी ने कहा कि सभी लोग आस्था का सम्मान करें, लेकिन किसी नई परंपरा को प्रोत्साहन न दें। हर एक पर्व शांति और सौहार्द्र के बीच संपन्न हों, इसके लिए स्थानीय जरूरतों को देखते हुए सभी जरूरी प्रयास किए जाएँ। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यदि कोई भी कानून हाथ में लेने का प्रयास करे तो उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए। अराजक तत्वों पर नजर रखें। 

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार (13 जून 2024) को पर्व-त्योहारों को देखते हुए अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान सीएम ने बकरीद के दिन मुस्लिमों को सड़कों एवं सार्वजनिक स्थानों पर नमाज नहीं पढ़ने, प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी नहीं देने और कुर्बानी वाले जानवरों के अवशेषों का उचित ढंग से निस्तारण करने का निर्देश दिया।

बता दें कि सोमवार (17 जून 2024) को बकरीद है। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 16 जून को गंगा दशहरा, 17 जून को बकरीद, 18 जून को ज्येष्ठ माह का मंगल का पर्व और 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन है। वहीं, जुलाई में मोहर्रम और काँवड़ यात्रा होने हैं। इसलिए सभी अधिकारियों को चौकन्ना रहना होगा और कानून-व्यवस्था दुरुस्त रखनी होगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बकरीद पर कुर्बानी के लिए स्थान पहले से तय होना चाहिए। तय स्थान के अलावा, कहीं और कुर्बानी न हो। विवादित एवं संवेदनशील स्थानों पर कुर्बानी नहीं होनी चाहिए। प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी किसी स्थिति में नहीं होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि नमाज परंपरा के अनुसार निर्धारित स्थल पर ही होना चाहिए, सड़कों पर नहीं।

सीएम योगी ने कहा कि सभी लोग आस्था का सम्मान करें, लेकिन किसी नई परंपरा को प्रोत्साहन न दें। हर एक पर्व शांति और सौहार्द्र के बीच संपन्न हों, इसके लिए स्थानीय जरूरतों को देखते हुए सभी जरूरी प्रयास किए जाएँ। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यदि कोई भी कानून हाथ में लेने का प्रयास करे तो उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए। अराजक तत्वों पर नजर रखें। 

ज्येष्ठ माह में बड़ा मंगल पर भंडारा आयोजन की परंपरा रही है। इसको लेकर भी सीएम योगी ने दिशा निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आयोजकों को स्पष्ट रूप से बताया जाना चाहिए कि प्रसाद खाकर अपशिष्ट सड़क किनारे न फेंके जाएँ। भंडारा वाली हर जगह पर डस्टबिन की उपलब्धता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसी कोई घटना न हो, जिससे दूसरे धर्म के लोगों की भावनाएँ आहत हों।

 

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

जल सुरक्षा ही भविष्य की सबसे बड़ी नींव, समझिए क्यों जरूरी है भारत में नदियों को आपस में जोड़ना

राष्ट्रीय जल विकास एजेंसी (NWDA) द्वारा तैयार किए गए 30 नदियों को जोड़ने का खाका भारत के भूगोल को हमेशा के लिए बदलने की क्षमता रखता है।

हिमाचल में पेट्रोल-डीजल महँगा, अर्थव्यवस्था का बँटाधार कर कॉन्ग्रेस की सुक्खू सरकार लाई नया Cess: जानें- क्या है ‘विधवा और अनाथ उपकर’

हिमाचल सरकार पेट्रोल-डीजल पर 60 पैसे प्रति लीटर अतिरिक्त उपकर ले रही है, जिससे विधवा-अनाथ बच्चों की मदद के लिए फंड बनाया जाएगा।
- विज्ञापन -