Tuesday, July 27, 2021
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नई ‘गऊ प्रेमी’ प्रियंका गाँधी फेक न्यूज में उलझीं: कभी केरल में कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं ने बीच सड़क पकाया था बछड़ा

केरल में कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं ने बीच सड़क पर गाय के बछड़े की हत्या की और उसे पका कर खाया भी। यह निकृष्ट घटना साल 2017 में हुई थी। उस घटना के लगभग 3 साल बाद उसी कॉन्ग्रेस को गाय की चिंता सता रही है। आखिरकार 2022 में उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव जो हैं।

प्रियंका वाड्रा गाँधी ने नया कीर्तिमान रचा है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक पत्र लिखा है। लेकिन अफ़सोस! जिस मुद्दे पर रोष जताते हुए पत्र लिखा गया है, उससे जुड़ी जानकारी की तस्दीक नहीं की गई। पत्र में प्रियंका गाँधी ने लिखा है कि वह सोशल मीडिया पर वायरल हो रही गाय की लाशों की तस्वीर देख कर काफी निराश हैं। 

पत्र में उन्होंने बताया कि मृत गायों की यह तस्वीर उत्तर प्रदेश के ललितपुर की है। उन्होंने स्वीकार किया कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि गायों की मृत्यु कैसे हुई। फिर भी वह इस निष्कर्ष पर पहुँच गईं कि संभावित रूप से उनकी मृत्यु भुखमरी की वजह से हुई है। 

कुछ समय बाद पता चला कि ख़बर फ़र्ज़ी (फ़ेक) है और ऐसा कुछ हुआ ही नहीं। इसके बाद उत्तर प्रदेश के आधिकारिक फैक्ट चेकिंग हैंडल आईपीआरडी (IPRD) ने ट्वीट करते हुए कहा कि ललितपुर गोशाला के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी (Chief Veterinary Officer) के मुताबिक़ गोशाला के भीतर, बाहर या आस-पास के क्षेत्र में गाय की कोई लाश नहीं मिली है।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को बहुत समय नहीं बचा है इसलिए कॉन्ग्रेस का गाय के प्रति स्नेह और समर्पण तत्काल प्रभाव से बढ़ गया है। प्रियंका गाँधी को कॉन्ग्रेस पार्टी की तरफ से मुख्यमंत्री पद के लिए प्रोजेक्ट किया जाता है। पर गऊ प्रेम दिखाने के लिए व्याकुल प्रियंका फ़ेक न्यूज़ के फेर में उलझ कर रह गईं।    

ठीक इसी तरह प्रियंका गाँधी के यशस्वी भ्राता राहुल गाँधी भी देश के बड़े चुनावों के दौरान मंदिर-मंदिर भागने का अभ्यास करते हुए नज़र आते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सूचना सलाहकार शलभमणि त्रिपाठी ने बिना देर किए गोरक्षा के मसले पर कॉन्ग्रेस का मूल चरित्र और पाखण्ड सार्वजनिक कर दिया। 

शलभमणि त्रिपाठी ने उस घटना का उल्लेख किया जब केरल में कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं ने बीच सड़क पर आम जनता के सामने गाय के बछड़े की हत्या की और उसे पका कर खाया भी। यह निकृष्ट घटना साल 2017 में हुई थी। इसे अंजाम देते हुए पर्याप्त बर्बरता की गई थी इसलिए मुद्दे पर देशव्यापी विरोध हुआ था। घटना के लगभग 3 साल बाद उसी कॉन्ग्रेस को गाय की चिंता सता रही है। आखिरकार 2022 में उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव जो हैं।    

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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