Saturday, November 28, 2020
Home राजनीति 'उद्धव ठाकरे ने बोल दिया तो चर्चा की जरूरत नहीं': BJP नेता ने ऑडियो...

‘उद्धव ठाकरे ने बोल दिया तो चर्चा की जरूरत नहीं’: BJP नेता ने ऑडियो शेयर कर लगाए शिवसेना MLA पर कांट्रेक्टर को धमकाने के आरोप

बीजेपी नेता नीलेश राणे ने इस ऑडियो को शेयर करते हुए आरोप लगाया है कि यह उद्धव ठाकरे सरकार का मानक तरीका है, इसमें वे पहले निर्माण का विरोध करते हैं और फिर उसके लिए ठेका देते हैं।

भाजपा नेता नीलेश राणे ने ट्विटर पर उद्धव ठाकरे और उनके नेताओं के ख़िलाफ़ गंभीर आरोप लगाए हैं। भाजपा नेता ने ऑडियो टेप शेयर करते हुए एक शिवसेना विधायक पर आरोप लगाया कि उन्होंने कॉन्ट्रैक्टर को हाईवे पर काम रोकने के लिए फोन पर धमकाया

निलेश राणे ने ऑडियो शेयर करते हुए लिखा, “शिवसेना उसी हाईवे के ठेकेदारों को धमकी देकर पैसे वसूलने का काम कर रही है, जिस पर उन्होंने एक बार कड़ी आपत्ति जताई थी। शिवसेना का फॉर्मूला है कि पहले परियोजनाओं का विरोध करें और फिर उन्हीं परियोजनाओं के लिए कॉन्ट्रैक्ट कर लें।”

भाजपा नेता नीलेश राणे द्वारा साझा किए गए ऑडियो टेप में, कथित तौर पर शिवसेना विधायक और उनके सहयोगी को एक ठेकेदार को धमकी देते हुए सुना जा सकता है। कॉल सुन कर ऐसा लग रहा है जैसे शिवसेना नेत्री और उनके साथी कॉन्फ्रेंस कॉल पर एक साथ कॉन्ट्रैक्टर से बात करते हुए उसे हाईवे का काम रोकने को कह रहे हों।

हालाँकि, कॉन्ट्रैक्टर ने धमकी के बावजूद विधायक की बात को मानने से इंकार कर दिया और खुद को बचाने के लिए कहा कि उन्हें कॉन्ट्रैक्ट कंपनी द्वारा मिला है। काम रोकने के लिए उन्हें निर्देश की जरूरत होगी।

इसके बाद शिवसेना विधायक ने काम रुकवाने के लिए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का नाम लिया और दावा किया कि उन्होंने ही व्यक्तिगत रूप से विधायक से इस काम को रुकवाने के लिए कहा है। मगर, कॉन्ट्रैक्टर तब भी झांसे में नहीं आया। उसने शिवसेना विधायक को अगले दिन इस मामले पर दफ्तर में आकर बात करने को कहा।

ये सुन विधायक बोलीं कि इसमें चर्चा की क्या जरूरत? उद्धव ठाकरे ने कह दिया वही अंतिम और अनिवार्य है। मुख्यमंत्री फाइनल अथॉरिटी है, कोई कंपनी उनके निर्णय के आगे कुछ नहीं कहेगी। इसके बाद उनके साथी ने कॉन्ट्रैक्टर से कहा, “हम शिवसैनिकों को भेजेंगे तुमसे बात करने के लिए। फिर देखेंगे कि कैसे तुम कैसे नहीं मानोगे।”

बीजेपी नेता नीलेश राणे ने इस ऑडियो को शेयर करते हुए आरोप लगाया है कि यह उद्धव ठाकरे सरकार का मानक तरीका है, इसमें वे पहले निर्माण का विरोध करते हैं और फिर उसके लिए ठेका देते हैं।

बता दें कि ऑपइंडिया ऑडियो में सुनाई दे रही आवाज की पुष्टि नहीं करता कि ये शिवसेना विधायक या उनके साथी में से किसी की है या इस मामले में पैसे की लेन-देन शामिल है। लेकिन कॉल पर बात कर रहे लोगों को यह कहते साफ सुना जा सकता है कि उद्धव ठाकरे का निर्णय आखिरी और अनिवार्य है। इसके अलावा शिवसैनिक भेजने की बात भी ऑडियो में सुनी जा सकती है।

उल्लेखनीय है कि ठाकरे सरकार के सत्ता में आने के बाद से लगातार उन पर आम नागरिकों को निशाना बनाने के इल्जाम लग रहे हैं। इससे पहले शिवसैनिकों ने सोशल मीडिया पोस्ट के ऊपर कुछ आम नागरिकों पर हमला किया था। एक पूर्व नेवी अधिकारी मदन शर्मा को सितंबर में शिवसैनिकों द्वारा बुरी तरह पीटा गया था। इसके बाद कंगना रनौत तक के घर पर बीएमसी द्वारा बुल्डोजर चलावाया गया था।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

कोरोना संक्रमण पर लगातार चेताते रहे, लेकिन दिल्ली सरकार ने कदम नहीं उठाए: सुप्रीम कोर्ट से केंद्र

दिल्ली में कोरोना क्यों बना काल? सुप्रीम कोर्ट को केंद्र सरकार ने बताया है कि रोकथाम के लिए केजरीवाल सरकार ने प्रभावी कदम नहीं उठाए।

क्या घुसपैठ करने वाले रोहिंग्या मुसलमानों को RAW में बहाल करने जा रही है भारत सरकार?

एक वायरल मैसेज में दावा किया जा रहा है कि सरकार रोहिंग्या मुसलमानों को रॉ में बहाल करने जा रही है। जानिए, क्या है इस दावे की सच्चाई?

‘नॉटी, दो टके के लोग’: कंगना पर फट पड़ीं मुंबई की मेयर, ऑफिस तोड़ने पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने लगाई थी फटकार

मुंबई की मेयर किशोरी पेडनेकर ने कंगना रनौत के लिए 'नॉटी' का इस्तेमाल किया है। शिवसेना सांसद संजय राउत के लिए इस शब्द का अर्थ 'हरामखोर' है।

जहाँ ममता बनर्जी ने खोदी थी वामपंथ की कब्र, वहीं उनकी सियासत को दफनाने की तैयारी में शुभेंदु अधिकारी

सिंगूर और नंदीग्राम के आंदोलन से ममता बनर्जी को सत्ता मिली। अब नंदीग्राम के शुभेंदु अधिकारी के बागी तेवरों ने उन्हें मुश्किल में डाल दिया है।

कॉन्ग्रेस का कोढ़ है धर्मांतरण, रोकने को देर से बने कानून कितने दुरुस्त?

जिस विषय में संविधान निर्माताओं को 1949 से पता था, उस पर कानून बनाने में इतनी देर आखिर क्यों? नियम बनने शुरू भी हुए हैं तो क्या ये काफी हैं, या हमें बहुत देर से और बहुत थोड़ा देकर बहलाया जा रहा है?

FIR में अर्णब पर लगाए आरोप साबित नहीं कर पाई मुंबई पुलिस: SC ने बॉम्बे हाई कोर्ट को भी लगाई फटकार

सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए यह भी कहा कि आपराधिक कानून, उत्पीड़न का औजार नहीं बनना चाहिए, जमानत मानवता की अभिव्यक्ति है।

प्रचलित ख़बरें

‘उसे मत मारो, वही तो सबूत है’: हिंदुओं संजय गोविलकर का एहसान मानो वरना 26/11 तुम्हारे सिर डाला जाता

जब कसाब ने तुकाराम को गोलियों से छलनी कर दिया तो साथी पुलिसकर्मी आवेश में आ गए। वे कसाब को मार गिराना चाहते थे। लेकिन, इंस्पेक्टर गोविलकर ने ऐसा नहीं करने की सलाह दी। यदि गोविलकर ने उस दिन ऐसा नहीं किया होता तो दुनिया कसाब को समीर चौधरी के नाम से जानती।

फैक्टचेक: क्या आरफा खानम घंटे भर में फोटो वाली बकरी मार कर खा गई?

आरफा के पाँच बज कर दस मिनट वाले ट्वीट के साथ एक ट्वीट छः बज कर दस मिनट का था, जिसके स्क्रीनशॉट को कई लोगों ने एक दूसरे को व्हाट्सएप्प पर भेजना शुरु किया। किसी ने यह लिखा कि देखो जिस बकरी को सीने से चिपका कर फोटो खिंचा रही थी, घंटे भर में उसे मार कर खा गई।

हाथ में कलावा, समीर चौधरी नाम की ID: ‘हिंदू आतंकी’ की तरह मरना था कसाब को – पूर्व कमिश्नर ने खोला राज

"सभी 10 हमलावरों के पास फर्जी हिंदू नाम वाले आईकार्ड थे। कसाब को जिंदा रखना पहली प्राथमिकता थी। क्योंकि वो 26/11 मुंबई हमले का सबसे बड़ा और एकलौता सबूत था। उसे मारने के लिए ISI, लश्कर-ए-तैयबा और दाऊद इब्राहिम गैंग ने..."

‘कबीर असली अल्लाह, रामपाल अंतिम पैगंबर और मुस्लिम असल इस्लाम से अनजान’: फॉलोवरों के अजीब दावों से पटा सोशल मीडिया

साल 2006 में रामपाल के भक्तों और पुलिसकर्मियों के बीच हिंसक झड़प हुई थी जिसमें 5 महिलाओं और 1 बच्चे की मृत्यु हुई थी और लगभग 200 लोग घायल हुए थे। इसके बाद नवंबर 2014 में उसे गिरफ्तार किया गया था।

जहाँ बहाया था खून, वहीं की मिट्टी पर सर रगड़ बोला भारत माता की जय: मुर्दों को देख कसाब को आई थी उल्टी

पुलिस कमिश्नर राकेश मारिया सुबह साढ़े चार बजे कसाब से कहते हैं कि वो अपना माथा ज़मीन से लगाए... और उसने ऐसा ही किया। इसके बाद जब कसाब खड़ा हुआ तो मारिया ने कहा, “भारत माता की जय बोल” कसाब ने फिर ऐसा ही किया। मारिया दोबारा भारत माता की जय बोलने के लिए कहते हैं तो...

मैं नपुंसक नहीं.. हिंदुत्व का मतलब पूजा-पाठ या मंदिर का घंटा बजाना नहीं, फ़ोर्स किया तो हाथ धोकर पीछे पड़ जाऊँगा: उद्धव ठाकरे

साक्षत्कार में उद्धव ठाकरे ने कहा कि उन्हें विरोधियों के पीछे पड़ने को मजबूर ना किया जाए। इसके साथ ही ठाकरे ने कहा कि हिंदुत्व का मतलब मंदिर का घंटा बजाना नहीं है।

कोरोना संक्रमण पर लगातार चेताते रहे, लेकिन दिल्ली सरकार ने कदम नहीं उठाए: सुप्रीम कोर्ट से केंद्र

दिल्ली में कोरोना क्यों बना काल? सुप्रीम कोर्ट को केंद्र सरकार ने बताया है कि रोकथाम के लिए केजरीवाल सरकार ने प्रभावी कदम नहीं उठाए।

क्या घुसपैठ करने वाले रोहिंग्या मुसलमानों को RAW में बहाल करने जा रही है भारत सरकार?

एक वायरल मैसेज में दावा किया जा रहा है कि सरकार रोहिंग्या मुसलमानों को रॉ में बहाल करने जा रही है। जानिए, क्या है इस दावे की सच्चाई?

‘नॉटी, दो टके के लोग’: कंगना पर फट पड़ीं मुंबई की मेयर, ऑफिस तोड़ने पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने लगाई थी फटकार

मुंबई की मेयर किशोरी पेडनेकर ने कंगना रनौत के लिए 'नॉटी' का इस्तेमाल किया है। शिवसेना सांसद संजय राउत के लिए इस शब्द का अर्थ 'हरामखोर' है।

गाजीपुर में सड़क पर पड़े मिले गायों के कटे सिर: लोगों का आरोप- पहले डेयरी फार्म से गायब होती हैं गायें, फिर काट कर...

गाजीपुर की सड़कों पर गायों के कटे हुए सिर मिलने के बाद स्थानीय लोग काफी गुस्से में हैं। उन्होंने पुलिस पर मिलीभगत का आरोप लगाया है।

बंगाल: ममता के MLA मिहिर गोस्वामी बीजेपी में शामिल, शनिवार को शुभेंदु अधिकारी के आने की अटकलें

TMC के असंतुष्ट विधायक मिहिर गोस्वामी बीजेपी में शामिल हो गए हैं। शुभेंदु अधिकारी के भी शनिवार को बीजेपी में शामिल होने की अटकलें लगाई जा रही है।

जहाँ ममता बनर्जी ने खोदी थी वामपंथ की कब्र, वहीं उनकी सियासत को दफनाने की तैयारी में शुभेंदु अधिकारी

सिंगूर और नंदीग्राम के आंदोलन से ममता बनर्जी को सत्ता मिली। अब नंदीग्राम के शुभेंदु अधिकारी के बागी तेवरों ने उन्हें मुश्किल में डाल दिया है।

गरीब कल्याण रोजगार अभियान: प्रवासी श्रमिकों को रोजगार देने में UP की योगी सरकार सबसे आगे

प्रवासी श्रमिकों को काम मुहैया कराने के लिए केंद्र सरकार ने गरीब कल्याण रोजगार अभियान शुरू किया था। उत्तर प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है।

12वीं शताब्दी में विष्णुवर्धन के शासनकाल में बनी महाकाली की मूर्ति को मिला पुन: आकार, पिछले हफ्ते की गई थी खंडित

मंदिर में जब प्रतिमा को तोड़ा गया तब हालात देखकर ये अंदाजा लगाया गया था कि उपद्रवी मंदिर में छिपे खजाने की तलाश में आए थे और उन्होंने कम सुरक्षा व्यवस्था देखते हुए मूर्ति तोड़ डाली।

कॉन्ग्रेस का कोढ़ है धर्मांतरण, रोकने को देर से बने कानून कितने दुरुस्त?

जिस विषय में संविधान निर्माताओं को 1949 से पता था, उस पर कानून बनाने में इतनी देर आखिर क्यों? नियम बनने शुरू भी हुए हैं तो क्या ये काफी हैं, या हमें बहुत देर से और बहुत थोड़ा देकर बहलाया जा रहा है?

FIR में अर्णब पर लगाए आरोप साबित नहीं कर पाई मुंबई पुलिस: SC ने बॉम्बे हाई कोर्ट को भी लगाई फटकार

सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए यह भी कहा कि आपराधिक कानून, उत्पीड़न का औजार नहीं बनना चाहिए, जमानत मानवता की अभिव्यक्ति है।

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
80,440FollowersFollow
358,000SubscribersSubscribe