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‘उद्धव ठाकरे ने बोल दिया तो चर्चा की जरूरत नहीं’: BJP नेता ने ऑडियो शेयर कर लगाए शिवसेना MLA पर कांट्रेक्टर को धमकाने के आरोप

बीजेपी नेता नीलेश राणे ने इस ऑडियो को शेयर करते हुए आरोप लगाया है कि यह उद्धव ठाकरे सरकार का मानक तरीका है, इसमें वे पहले निर्माण का विरोध करते हैं और फिर उसके लिए ठेका देते हैं।

भाजपा नेता नीलेश राणे ने ट्विटर पर उद्धव ठाकरे और उनके नेताओं के ख़िलाफ़ गंभीर आरोप लगाए हैं। भाजपा नेता ने ऑडियो टेप शेयर करते हुए एक शिवसेना विधायक पर आरोप लगाया कि उन्होंने कॉन्ट्रैक्टर को हाईवे पर काम रोकने के लिए फोन पर धमकाया

निलेश राणे ने ऑडियो शेयर करते हुए लिखा, “शिवसेना उसी हाईवे के ठेकेदारों को धमकी देकर पैसे वसूलने का काम कर रही है, जिस पर उन्होंने एक बार कड़ी आपत्ति जताई थी। शिवसेना का फॉर्मूला है कि पहले परियोजनाओं का विरोध करें और फिर उन्हीं परियोजनाओं के लिए कॉन्ट्रैक्ट कर लें।”

भाजपा नेता नीलेश राणे द्वारा साझा किए गए ऑडियो टेप में, कथित तौर पर शिवसेना विधायक और उनके सहयोगी को एक ठेकेदार को धमकी देते हुए सुना जा सकता है। कॉल सुन कर ऐसा लग रहा है जैसे शिवसेना नेत्री और उनके साथी कॉन्फ्रेंस कॉल पर एक साथ कॉन्ट्रैक्टर से बात करते हुए उसे हाईवे का काम रोकने को कह रहे हों।

हालाँकि, कॉन्ट्रैक्टर ने धमकी के बावजूद विधायक की बात को मानने से इंकार कर दिया और खुद को बचाने के लिए कहा कि उन्हें कॉन्ट्रैक्ट कंपनी द्वारा मिला है। काम रोकने के लिए उन्हें निर्देश की जरूरत होगी।

इसके बाद शिवसेना विधायक ने काम रुकवाने के लिए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का नाम लिया और दावा किया कि उन्होंने ही व्यक्तिगत रूप से विधायक से इस काम को रुकवाने के लिए कहा है। मगर, कॉन्ट्रैक्टर तब भी झांसे में नहीं आया। उसने शिवसेना विधायक को अगले दिन इस मामले पर दफ्तर में आकर बात करने को कहा।

ये सुन विधायक बोलीं कि इसमें चर्चा की क्या जरूरत? उद्धव ठाकरे ने कह दिया वही अंतिम और अनिवार्य है। मुख्यमंत्री फाइनल अथॉरिटी है, कोई कंपनी उनके निर्णय के आगे कुछ नहीं कहेगी। इसके बाद उनके साथी ने कॉन्ट्रैक्टर से कहा, “हम शिवसैनिकों को भेजेंगे तुमसे बात करने के लिए। फिर देखेंगे कि कैसे तुम कैसे नहीं मानोगे।”

बीजेपी नेता नीलेश राणे ने इस ऑडियो को शेयर करते हुए आरोप लगाया है कि यह उद्धव ठाकरे सरकार का मानक तरीका है, इसमें वे पहले निर्माण का विरोध करते हैं और फिर उसके लिए ठेका देते हैं।

बता दें कि ऑपइंडिया ऑडियो में सुनाई दे रही आवाज की पुष्टि नहीं करता कि ये शिवसेना विधायक या उनके साथी में से किसी की है या इस मामले में पैसे की लेन-देन शामिल है। लेकिन कॉल पर बात कर रहे लोगों को यह कहते साफ सुना जा सकता है कि उद्धव ठाकरे का निर्णय आखिरी और अनिवार्य है। इसके अलावा शिवसैनिक भेजने की बात भी ऑडियो में सुनी जा सकती है।

उल्लेखनीय है कि ठाकरे सरकार के सत्ता में आने के बाद से लगातार उन पर आम नागरिकों को निशाना बनाने के इल्जाम लग रहे हैं। इससे पहले शिवसैनिकों ने सोशल मीडिया पोस्ट के ऊपर कुछ आम नागरिकों पर हमला किया था। एक पूर्व नेवी अधिकारी मदन शर्मा को सितंबर में शिवसैनिकों द्वारा बुरी तरह पीटा गया था। इसके बाद कंगना रनौत तक के घर पर बीएमसी द्वारा बुल्डोजर चलावाया गया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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