अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध का रविवार (15 मार्च 2026) को 16वां दिन है। अमेरिकी हमला 15वें दिन ईरान के खार्ग द्वीप पर किया गया। इस पर हमला यूएई के अमेरिकी बेस से किया गया था। इसको देखते हुए ईरान ने यूएई को एक बार फिर धमकी दी है। उसने 3 बड़े एयरपोर्ट खाली करने को कहा है साथ ही रिहायशी इलाकों में हमले नहीं करने की बात भी कही है।
यूएस राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी हमलों ने खार्ग द्वीप का बड़ा हिस्सा तबाह हो गया है.। उन्होंने आगे खार्ग द्वीप पर और भी हमले करने की चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा कि मनोरंजन के लिए भी इसे कुछ और बार निशाना बनाया जा सकता हैं। उनकी इस धमकी के बाद ईरान ने हमले तेज कर दिए हैं। ईरान ने यूएई, बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जमकर मिसाइलों और ड्रोन हमला हुआ।
ईरानी हमलों के बीच अमेरिका ने ओमान में मौजूद अपने सरकारी कर्मचारियों को देश छोड़ने का आदेश दिया है। इसमें कहा गया है कि ऐसे कर्मचारी, जिनकी वहाँ इमरजेंसी ड्यूटी नहीं है, वे अपने परिवार के सदस्यों को लेकर ओमान से तुरंत निकल जाएँ।
रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका ने ईरान के 90 से ज्यादा सैन्य ठिकानों पर हमला किया है। इन हमलों में एयर डिफेंस सिस्टम, नौसैनिक अड्डे और एयरपोर्ट शामिल हैं। लेकिन तेल के बुनियादी ढाँचे पर हमला नहीं किया गया है। खार्ग ट्वीप वह बंदरगाह है, जहाँ से ईरान का 70 फीसदी तेल का व्यापार होता है। इस पर कब्जा करने की रणनीति अमेरिका ने बनाई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों को आने जाने से रोकेगा, तो अब उसके तेल के बुनियादी ढाँचे पर भी हमला किया जाएगा। उन्होंने दूसरे देशों से भी युद्धपोत भेजकर होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आह्वान किया है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने ये भी दावा किया है कि ईरान की सैन्य क्षमता पूरी तरह नष्ट हो चुकी है, लेकिन ड्रोन हमलों का खतरा अब भी बना हुआ है।
वहीं, ईरान ने भी हिजबुल्लाह, हूती जैसे संगठनों के साथ मिलकर इजरायल और आसपास के देशों पर ताबड़तोड़ मिसाइलें दागीं। ईराक की राजधानी बगदाद स्थित अमेरिकी दूतावास पर दूसरी बार हमला किया। खाड़ी क्षेत्र में सऊदी अरब और कतर पर भी हमला किया गया। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, ईरान का नया सुप्रीम लीडर मजतबा खामेनेई गंभीर रूप से घायल हो गया है। हालाँकि ईरान ने कहा है कि खामेनेई पूरी तरह ठीक हैं।
यह युद्ध 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था, जब अमेरिका और इजरायल ने तेहरान पर एयरस्ट्राइक किए थे। इन हमलों में कई ठिकानों को नुकसान पहुँचाया गया। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई समेत बड़ी संख्या में सैन्य अधिकारी मारे गए थे। संयुक्त राष्ट्र ने इस जंग में नागरिक की मौत पर गहरी चिंता जताई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा हालात को देखते हुए यह युद्ध लंबा खिंच सकता है। प्रभावी कूटनीति और वैश्विक सहयोग से ही दोनों पक्षों को मनाया जा सकता है और युद्ध समाप्त कराया जा सकता है।


