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बांग्लादेश में फिर इस्लामी कट्टरपंथियों ने 3 मंदिरों को बनाया निशाना, 8 मूर्तियाँ तोड़ीं: विदेश मंत्रालय ने बताया- 2024 में हिन्दुओं पर हुए 2200 हमले

बांग्लादेश के दिनाजपुर में स्थित झरबारी काली मंदिर पर भी हमला हुआ। इस मंदिर में स्थापित 5 मूर्तियों को तोड़ दिया गया। इस हमले के आरोप इस्लामी कट्टरपंथी संगठन जमात-ए-इस्लामी के युवकों पर लगाया गया है।

बांग्लादेश में हिन्दुओं के खिलाफ हिंसा थम नहीं रही है। हिन्दू और उनके मंदिर निशाने पर लिए जा रहे हैं। बीते 4 दिनों के भीतर बांग्लादेश के अलग-अलग इलाकों में 8 मूर्तियाँ तोड़ी गईं। इन हमलों में मात्र एक व्यक्ति की गिरफ्तारी हो पाई जबकि बाकी हमलावरों का पता तक नहीं लगा।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बांग्लादेश के मैमेनसिंह जिले के हलुआघाट उपजिला में में बुधवार-गुरुवार (19 दिसम्बर, 2024) को दो हिन्दू मंदिर में तीन मूर्तियाँ तोड़ी गईं। यहाँ के बन्दरपुरा में स्थित एक मंदिर में दो मूर्तियाँ तोड़ी गई। मूर्ति तोड़ने वालों का कोई पता नहीं लग पाया है और इस संबंध में पुलिस खाली हाथ है।

वहीं हलुआघाट के ही पोलाशकांडा इलाके में स्थित एक काली मंदिर में भी एक मूर्ति को तोड़ दिया गया। इस मामले में मंदिर समिति ने पुलिस के पास शिकायत दर्ज करवाई है। पुलिस ने दूसरी घटना में अलाल उद्दीन को पकड़ा है। इससे पहले बांग्लादेश के दिनाजपुर में स्थित झरबारी काली मंदिर पर भी हमला हुआ।

इस मंदिर में स्थापित 5 मूर्तियों को तोड़ दिया गया। इस हमले के आरोप इस्लामी कट्टरपंथी संगठन जमात-ए-इस्लामी के युवकों पर लगाया गया है। इस हमले के बाद क्षतिग्रस्त मूर्तियों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हैं। इस मामले में किसी की गिरफ्तारी की सूचना नहीं है।

बांग्लादेश में प्रधानमंत्री शेख हसीना के तख्तापलट के बाद से लगातार हिन्दुओं पर हमले हो रहे हैं। मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार हिन्दुओं के खिलाफ हमले रोकने में असफल रही है। उसने इस हिंसा पर आँखे बंद कर ली हैं। कई बार तो उसने हिंसा की घटनाओं को सिरे से नकार दिया है।

इसी के चलते 2024 में बांग्लादेश में हिन्दुओं को हजारों हमले झेलने पड़े हैं। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार (20 दिसम्बर, 2024) को राज्यसभा में एक जवाब में बताया है कि 2024 में बांग्लादेश में हिन्दुओं के खिलाफ 2200 हिंसक घटनाएँ हुई हैं। इन घटनाओं में 2024 में 700% से अधिक की वृद्धि हुई है।

विदेश मंत्रालय ने बताया कि 2022 में बांग्लादेश में हिन्दुओं के खिलाफ हिंसा की 47 जबकि 2023 में 300 घटनाएँ हुई थी। पाकिस्तान में 2024 में हिन्दुओं के खिलाफ हिंसा के 112 मामले सामने आए हैं। 2023 में पाकिस्तान में 103 जबकि 2022 में 241 मामले सामने आए थे।

गौरतलब है कि अगस्त, 2024 में बांग्लादेश में प्रधानमंत्री शेख हसीना को इस्लामी कट्टरपंथियों की हिंसा के चलते सत्ता छोड़नी पड़ी थी। इसके बाद बांग्लादेश में हिन्दू निशाने पर हैं। इस्लामी कट्टरपंथियों ने हिन्दू पुलिसकर्मियों को निशाना बनाया है और कई जगह मंदिरों पर हमला किया है। बांग्लादेश की सरकार ने हिन्दुओ के हक़ में बोलने वाले संत चिन्मय कृष्ण दास को गिरफ्तार कर लिया है। इस्लामी कट्टरपंथी बांग्लादेश में इस्कॉन की शाखाओं को निशाना बना रहे हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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