गंगा घाटों के स्वच्छता अभियान की अगुवाई करने वाली तमसुतुला इमसॉन्ग को मिला देवी पुरस्कार

इमसॉन्ग अब स्वच्छ भारत मिशन का पर्याय बन चुकी हैं और उन्हें अपने इस काम के लिए कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रशंसाएँ भी मिल चुकी हैं।

स्वच्छ भारत कार्यकर्ता तमसुतुला इमसॉन्ग को कोलकाता में हाल ही में संपन्न हुए देवी पुरस्कार समारोह में सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें स्वच्छ भारत मिशन में नवीनता और गतिशीलता लाने में उनकी भूमिका के लिए दिया गया है।

दरअसल, देवी पुरस्कार द संडे स्टैंडर्ड और द न्यू इंडियन एक्सप्रेस द्वारा शुरू की गई एक मुहीम है, जिसका मक़सद उन कामकाजी महिलाओं को सम्मानित करना है जो अपने संबंधित क्षेत्रों में नवीनता और गतिशीलता लाती हैं।

कई महिला उद्यमियों, कार्यकर्ताओं, राजनीतिक कार्यकर्ताओं, कलाकारों, नवप्रवर्तकों और शिक्षाविदों को इसकी स्थापना के बाद से सम्मानित किया जा रहा है।

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इस वर्ष, यह कार्यक्रम कोलकाता में आयोजित किया गया, जहाँ केंद्रीय कपड़ा और महिला और बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने विभिन्न क्षेत्रों की चयनित महिलाओं को पुरस्कार प्रदान किए।

तमसुतुला के अलावा, शिक्षाविद परमीता शर्मा, नृत्यांगना आलोकानंद रॉय, मिज़ोरम के फैशन उद्यमी लालडिंसंगी, ललसांगज़ेली और लालरिनपुई, जिनकी फैशन पहल वाकिरिया ने मिज़ोरम के सबसे लोकप्रिय फैशन ब्रांड के रूप में ख़ुद को स्थापित किया है।

अन्य पुरस्कार विजेताओं में उद्यमी रितु अग्रवाल, मधु नियोतिया, जैविक किसान एकिता राजू, फैशन इनोवेटर सुजाता चटर्जी, और फिल्म निर्माता प्रीता चक्रवर्ती शामिल थीं।

तमसुतुला इमसॉन्ग, नागालैंड की एक युवती हैं। इनका समूह, Sakaar Sewa Samiti तब सुर्खियों में आया था, जब वाराणसी में गंगा घाटों को स्वच्छ रखने में उनके योगदान ने पीएम मोदी के प्रोत्साहन के साथ देशव्यापी पहचान हासिल की थी।

बता दें कि इमसॉन्ग गंगा घाटों के स्वच्छता अभियान की अगुवाई कर रही हैं। वो अब स्वच्छ भारत मिशन का पर्याय बन चुकी हैं और उन्हें अपने इस काम के लिए कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रशंसाएँ भी मिल चुकी हैं।

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