स्थानीय लोगों के अनुसार, पहले साज़िश के तहत यह अफवाह फैलाई गई कि एक मुस्लिम व्यक्ति की भीड़ द्वारा हत्या कर दी गई है और उससे जबरदस्ती 'जय श्री राम' बुलवाया गया है। इस अफवाह के बाद मुस्लिम मॉब मंदिर में घुस आई और मूर्तियों को तोड़-फोड़ दिया।
शेख को निजी अंगों, आँखों और कानों में गंभीर चोटें आई हुईं थी। उसे मालदा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के एसएसकेएम अस्पताल में भेजा गया था, जहाँ उसकी मौत हो गई।
राजस्थान में 5 पाँच दिन पहले मोनू पठान (इरफान) नाम के हिस्ट्री शीटर ने बंदूक की नोक पर नवविवाहित शोभा का अपहरण किया था। जिसके मद्देनजर शोभा के पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी, लेकिन कार्रवाई करने की बजाय पुलिस मामले में लापरवाही दिखाती रही।
अजीम का प्रेम-प्रसंग जुनैद की बहन से चल रहा था। लेकिन, जुनैद को यह रिश्ता बिल्कुल पसंद नहीं था, और इसलिए उसने अपनी बहन का रिश्ता कहीं और तय कर दिया। वहीं, अजीम को यह बात इतनी नागवार लगी कि उसने सगाई से पहले ही...
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक ममता डिसूजा ने बताया कि पीड़ित मोहम्मद शेख ने शनिवार सुबह जब छोटे भाई को अपने मोबाइल फोन पर पबजी खेलने से मना किया तो वो क्रोधित हो गया। किशोर ने गुस्से में आकर अपने बड़े भाई मोहम्मद शेख का सिर दीवार पर दे मारा और फिर उस पर लगातार कैंची से हमला किया।
पीड़ित अनीता ने आरोप लगाया है कि हमलावरों का नेतृत्व टीआरएस के विधायक कोनेरु कोनप्पा के भाई कृष्णा कर रहे थे। कृष्णा के नेतृत्व में टीआरएस कार्यकर्ताओं ने वनकर्मियों पर हमला किया।
जैनब को शौहर साबिर से सब्जी के लिए ₹30 माँगना महंगा पड़ गया। बीबी द्वारा सब्जी के लिए पैसे माँगना शौहर को इतना नागवार गुजरा कि उसने इसके लिए बीबी के साथ मारपीट की और फिर तीन बार तलाक बोलकर घर से निकाल दिया।
दोनों महिलाओं की हत्या की गई है मामले में पति जमशेद आलम पिछले दो-तीन महीने से किराए के घर में रह रहा था। दोनों इसकी पत्नियाँ थीं, वहीं दोनों महिलाओं की कपड़े से गला दबाकर हत्या की गई है। इस मामले में महिलाओं का पति फरार बताया जा रहा है।
"मेरी माँ की मृत्यु इस साल फ़रवरी में हो गई थी। उसके तुरंत बाद मेरे अब्बा मोहम्मद शकील अंसारी ने 16 साल की शहनाज़ के साथ शादी कर ली। इसके बाद पिछले हफ्ते उन्होंने एक और लड़की से शादी कर ली। अपनी दोनों बीवियों के साथ रहने के लिए वो मुझे और मेरे पति को घर से बाहर निकालना चाहते हैं।"
ओवैसी की पार्टी के नेता कुल 30 गाड़ियों से आए थे, ताकि गाँव में दहशत फैलाई जा सके। वे लोग जिस वाहन से गाँव में पहुँचे थे, उस पर भी ओवैसी की पार्टी का बोर्ड लगा हुआ था। हमले के दौरान उन्होंने मंदिर के ध्वज को भी क्षतिग्रस्त कर दिया।