प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज बुधवार को दिल्ली के राजपथ पर हुनर हाट पहुँचे। इसकी जानकारी अपने ट्विटर एकाउंट पर शेयर करते हुए पीएम मोदी ने बताया कि वो हुनर हाट में न सिर्फ कई कलाकारों से मिले बल्कि वहाँ उन्होंने लिट्टी-चोखा खाया और कुल्हड़ में चाय भी पी।
कश्मीरी छात्रा ने कहा कि चीन में फँसे भारतीय छात्रों को वापस लेकर आना कोई साधारण बात नहीं थी। ये बहुत बड़ी बात है। उसने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है जब बाहर फँसे कश्मीरियों के लिए सरकार ने इतना बड़ा काम किया है।
राहुल गाँधी ने बेशर्मी से दावा कर दिया कि एक-एक महिलाओं ने सुप्रीम कोर्ट में खड़े होकर मोदी सरकार को ग़लत साबित कर दिया। वे भूल गए कि इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में मोदी सरकार नहीं, मनमोहन सरकार लेकर गई थी।
"आज से कुछ सालों बाद 30 करोड़ मुस्लिमों की जनसंख्या बढ़ कर 60 करोड़ हो जाएगी और इस्लाम-मुक्त भारत का सपना देखने वालों के बाल-बच्चे जिन्दा रहे तो वो देखेंगे कि भारत में हर तरफ इस्लामी हुकूमत का ही झंडा लहराएगा।"
पीएम ने बीएचयू में एक सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का उद्घाटन किया। 430 बेड वाला ये अस्पताल 21 महीनों में बन कर तैयार हुआ है। सीएए और अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त करने के फ़ैसलों के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि पीछे हटने का कोई सवाल ही नहीं उठता है।
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि जो लक्ष्य तय करते हैं, आलोचनाओं का सामना भी उन्हें ही करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि वो अपने कर्तव्य को समझने के साथ-साथ उन लोगों से भी अपेक्षा करते हैं, जो सिर्फ अधिकारों की बात करते हैं।
"जो मोदी-शाह के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाएगा वो सही मायने में मर्द-ए-मुजाहिद कह लाएगा। मैं वतन में रहूँगा, पर कागज नहीं दिखाऊँगा। कागज अग़र दिखाने की बात होगी, तो सीना दिखाएँगे कि मार गोली। मार दिल पे गोली मार, क्योंकि..."
पीएम ने ऐतिहासिक बोडोलैंड समझौते का जिक्र करते हुए कहा कि अब असम में अनेक साथियों ने शांति और अहिंसा का मार्ग स्वीकार करने के साथ ही लोकतंत्र को स्वीकार किया है, भारत के संविधान को स्वीकार किया है। इससे 50 साल पुरानी समस्या का समाधान हुआ। बोडोलैंड क्षेत्र को 1500 करोड़ का पॅकेज भी मिलेगा।
प्रधानमंत्री के इस मजाकिया अंदाज़ से पक्ष ही नहीं बल्कि विपक्षी नेता भी बेंच थपथपाते नज़र आए। इनमें से एक कोडिकुन्नील रमेश भी शामिल थे। वो कॉन्ग्रेस के सांसद हैं लेकिन जब पीएम मोदी ने बिना नाम लिए राहुल गाँधी को 'ट्यूबलाइट' कहा तो वो अपनी हँसी नहीं रोक पाए।
"हम अगर उसी तरीके से चलते, जिस तरीके से आप लोग चलते हैं तो इस देश से अनुच्छेद 370 नहीं हटता, मुस्लिम बहनों को तीन तलाक की तलवार आज भी डराती रहती, नाबालिग से रेप के मामले में फाँसी की सजा का कानून नहीं बनता, राम जन्मभूमि आज भी विवादों में रहती, करतारपुर कॉरिडोर कभी नहीं बनता, भारत-बांग्लादेश सीमा विवाद कभी नहीं सुधरता।"