शाहीन बाग़ में चल रहे CAA-विरोधी प्रदर्शन में आज न्यूज़ नेशन के वरिष्ठ पत्रकार दीपक चौरसिया के साथ वहाँ प्रदर्शन कर रहे गुंडों ने बदसलूकी की। यही नहीं, उनके साथ हाथापाई करने के बाद उनका कैमरा भी तोड़ दिया गया।
ट्विटर पर कनव शर्मा नाम के एक व्यक्ति ने, जो कि 'A.T. Kearney' नाम की एक कम्पनी में मैनेजमेंट कंसल्टेंट के तौर पर काम करते हैं (उनके ट्विटर द्वारा प्राप्त जानकारी) ने अपने ट्विटर अकाउंट के जरिए एक ओला कैब ड्राइवर के प्रति अपनी नफरत को जाहिर किया है।
महेश्वरी अम्मा सईनुद्दीन के घर उन बच्चों की पहचान करने के लिए गई थीं, जिन्हें पोलियो का टीका नहीं लगा था। पूछताछ के बाद, सईनुद्दीन परिवार ने आशा कार्यकर्ताओं को सूचित किया कि उनके यहाँ पाँच वर्ष से कम आयु का कोई बच्चा नहीं है।
"मुझे इस बात की जानकारी नहीं थी कि ऐसे शब्द पेन पर छपे थे। जब दूकानदार दुकान पर पहुँचे, तो एक मुस्लिम लड़के ने पेन देखा और वो वहाँ से चला गया। एक अन्य व्यक्ति दुकान पर आया, उसने पेन की तस्वीर ली और उसे सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया।"
जब से क्रांति कुमार उर्फ़ केके दिल्ली के मशहूर 'विष-विद्यालय' से अपनी सदियों से चली आ रही पीएचडी पूरी कर गाँव लौटा था, तब से वो बुझा-बुझा सा रहने लगा था। गाँव में न गंगा ढाबा का सस्ता किन्तु लजीज खाना था, ना ही सस्ते हॉस्टल और ना ही ढपली बजाने के लिए किसी तरह की कोई सब्सिडी।
इरेना ने दावा किया कि हेल्थज़ोन के लगभग 50 प्रतिशत ग्राहक मुस्लिम हैं। हालॉंकि इरेना के ट्वीट के बाद कई लोगों ने साहनी के साथ एकजुटता दिखाई और लोगों से इसकी सदस्यता के लिए साइन अप करने की अपील की।
इमाद नाम का शख्स मधुर को पर्सनल मैसेज कर कहता है कि अगर मुस्लिम शरिया लॉ फॉलो करते हैं, तो इसमें उन्हें क्या दिक्कत है। फिर वह लिखता है, "वैसे तुम अपनी जान की परवाह करो, मुझे आशा है तुम्हें कमलेश तिवारी की तरह गला काटने की धमकियाँ न मिलती हों।"
"मुझे एक ही बात पता चल रही है और वो ये कि तुम अभी सिर्फ़ अपने कैमरे के सामने कंट्रोवर्सी चाहते हो। ऐसा मत करो। ये हमारे देश का सवाल है। ये सिर्फ़ 'माइनॉरिटी प्रॉसिक्यूशन' नहीं बल्कि 'रिलीजियस माइनॉरिटी प्रॉसिक्यूशन' के लिए है।"
कर्नाटक की भाजपा सांसद ने ट्वीट कर दावा किया था कि केरल कश्मीर में तब्दील होता जा रहा है। उन्होंने एक तस्वीर शेयर करते हुए कहा कि CAA का समर्थन करने के कारण कुट्टीपुरम के हिंदुओं को पानी देने से इनकार कर दिया गया।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक हिंदुओं के घरों और संपत्ति को चुन-चुन कर निशाना बनाया गया। पथराव करने वालों में 8 से 12 साल तक के मुस्लिम बच्चे भी शामिल थे। 100 से ज्यादा घायलों में से कई की हालत गंभीर।