शादी के बाद से ही ससुराल वाले शाइस्ता पर दहेज लाने का दबाव बना रहे थे। वो एक लाख रुपये और बाइक की डिमांड कर रहे थे। शाइस्ता ने विरोध किया तो 3 दिन पहले ससुराल वालों ने मिलकर शाइस्ता पर ज्वलनशील पदार्थ डाला और उन्हें जिंदा जला दिया।
शाहरुख ने बताया कि वह करीब 12 साल पहले असलम के पड़ोस में रहता था। तभी से असलम की बीवी से प्यार करता था। उसे पाने के लिए उसने असलम को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
शरजील ने लोगों को सिलीगुड़ी कॉरिडोर (चिकेन्स नेक) को ब्लॉक कर के पूरे उत्तर-पूर्व को शेष भारत से अलग-थलग करने के लिए भड़काया था और अपनी 'टुकड़े-टुकड़े' वाली मानसिकता का परिचय दिया था। उसे बिहार के जहानाबाद से गिरफ़्तार किया गया।
जिसने माँ सरस्वती की कई मूर्तियाँ अपने हाथों से गढ़ी थी, वो इन मूर्तियों को बेच भी नहीं पाया। सीएए के समर्थन की सज़ा उसे मौत के रूप में मिली। मुस्लिमों की इस हिंसा का शिकार हुए नीरज के पिता भी बीमार रहते हैं और उनके दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। ऊपर से परिजनों पर सरकार का दबाव।
CAA रैली में मुस्लिमों ने लोहे के रॉड से उनके माथे पर पीछे से वार किया। कई दिनों से अस्पताल में भर्ती नीरज की मौत हो गई। प्रशासन व पुलिस पीड़ित परिजनों पर दबाव डाल रहा है कि वो ऐसा बोलें कि नीरज की मौत बाथरूम में गिरने से हुई है। किसे बचाने का प्रयास कर रही हेमंत सरकार?
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की वकील को हडकाते हुए ये भी कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट का कोई फैसला दिखाएँ, जिसमें जेल के अच्छे आचरण के कारण फाँसी की सज़ा को कम किया गया हो।
इस मामले में पुलिस और कमलनाथ सरकार पर लापरवाही बरतने के आरोप लग रहे हैं। कहा जा रहा है कि आरोपितों के समुदाय विशेष से जुड़े होने के कारण मामले को दबाने की कोशिश की गई।
इस घटना के बाद से स्थानीय लोगों में काफी नाराजगी है। उनका कहना है कि सात बार चोरी की शिकायत करने के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। बताया जा रहा है कि जेवर चुराने की नीयत से बदमाश मंदिर में घुसे थे।
बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर में एक एनजीओ द्वारा संचालित शेल्टर होम में कई लड़कियों का कथित रूप से बलात्कार और यौन उत्पीड़न किया गया था और टाटा सामाजिक विज्ञान संस्थान की रिपोर्ट के बाद यह मामला सामने आया था। इसके बाद मामले की जाँच सीबीआई को सौंप दी गई थी।