जब्त की गई संपत्ति का स्वामित्व ब्राइट स्टार होटल प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर है, जिसमें 34% शेयर अन्य कंपनी के नाम हैं, जो ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड (BVI) में रजिस्टर्ड है। यह कंपनी संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से संचालित होती है।
बिहार के रक्सौल में एक सिंडिकेट इसी काम में लगा था। आलम 5 साल से इस धंधे में लगा है। 2016 में नोटबंदी के बाद जाली नोटों के कारोबार पर रोक लगी थी। लेकिन, बीते एक साल में फिर से इस धंधे में तेजी दिख रही है।
निक़ाह के समय दहेज के रूप में 10 लाख रुपए दहेज के तौर पर दिए थे। लेकिन, चाँद बी द्वारा एक बेटी को जन्म दिए जाने के बाद ससुराल वालों ने उसके घर से और 5 लाख रुपए की माँग की। रहमान ने इस राशि के भुगतान से इनकार कर दिया। इसके बाद उसकी बेटी के साथ ससुराल वालों ने मार-पिटाई शुरू कर दी।
पुलिस अधिकारी इस शर्मनाक कृत्य को अंजाम देने वाले लोगों के बारे में जानकारी साझा करने से बच रही है। पुलिस का कहना है कि सभी ऐंगल से जॉंच जारी है। बताया जाता है कि कालिख पोतने वालों ने पाकिस्तान के समर्थन में नारे भी लगाए थे।
रात को करीब 12:30 बजे एक दर्जन से ज्यादा युवक मुन्नूलाल के घर पहुँचे। उनके बेटे सुमित ने जैसे ही दरवाजा खोला युवकों ने हमला बोल दिया। बचाव में आए मुन्नूलाल और उनके छोटे बेटे सचिन को भी युवकों ने पीटा और फरार हो गए।
इन पत्रकारों के द्वारा निशाने पर लिए गए अधिकारियों के ख़िलाफ़ कंटेंट्स को व्हाट्सप्प और फेसबुक सहित अन्य सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म्स पर फैलाया जाता था। एफआईआर में दर्ज किया गया है कि इन्होने 'अभिव्यक्ति की आज़ादी' का ग़लत फायदा उठाते हुए आधारहीन ख़बरें चलाईं।
तीनों बैंक कर्मचारियों के ख़िलाफ़ PNB की एक शाखा के उप सर्कल प्रमुख ने पांच अप्रैल 2017 को शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें कहा गया था कि आरोपियों ने दो बार ग़लत रिकॉर्ड बनाया है, जो डिपॉजिटर द्वारा भरे गए असली वाउचर से मेल नहीं खा रहे थे।
"अस्पताल प्रभारी मोहम्मद जावेद आलम बिल पास करवाने के बदले में एक रात साथ में सोने के लिए कहता है। गाली-गलौच के साथ बात करता है। वो बोलता है कि तुम बहुत बोलती हो, मारेंगे लात तो बाहर छिटका देंगे, निकाल देंगे।"
निज़ाम ने स्वीकार किया कि उसने पुलिस के डर से आत्मसमर्पण किया है। उसने कहा कि अपने दोनों साथियों को गोली लगने की ख़बर के बाद वह घबराया हुआ था। उसने सरेंडर करने के दौरान अपना पिस्तौल भी पुलिस को सौंप दिया।
बशीर ने 12 अगस्त को समीरा पर कुल्हाड़ी से प्रहार किया। गले पर गंभीर चोट आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद बशीर फरार हो गया। 20 अगस्त को पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।