CJI संजीव खन्ना ने कह़ा है कि इस मामले में वही याचिकाएँ अब स्वीकार की जाएँगी जो इस मुकदमे के कोई नए पहलू से जुड़ी हों। इसके अलावा दायर हो चुकी याचिकाओं में से जिन पर कोई नोटिस जारी नहीं किया गया है, उनको भी कोर्ट ने रद्द कर दिया।
उमर खालिद को बेल न मिल पाने की वजह सुप्रीम कोर्ट नहीं बल्कि वो खुद और उनके वकील कपिल सिब्बल का रवैया है जो 'फोरम शॉपिंग' के लिए मामले को एडजर्न कराते रहे।