कन्हैया के काफिले पर यह हमला उस वक्त हुआ, जब वो कटिहार के राजेंद्र स्टेडियम में सभा करने के बाद भागलपुर जा रहे थे। शहीद चौक के पास लोगों ने कन्हैया कुमार के विरोध में पोस्टर दिखाए और फिर आगे बढ़ने पर काफिल पर जूते-चप्पल फेंके गए।
24 घंटों के अंदर बिहार में CPI नेता कन्हैया कुमार पर दोबारा हमला किया गया। इससे पहले भी उनकी कार पर पथराव किया गया था, जिसमें उन्हें और उनके ड्राइवर दोनों को चोटें आई थीं। इस बार उनकी गाड़ी पर पथराव होने से...
CPIM नेता कन्हैया कुमार के काफिले पर हमला किया गया है। इस हमले में कन्हैया और उनके ड्राइवर घायल हो गए हैं। यह हमला बिहार के सुपौल में हुआ है। बताया जा रहा है कि कुछ अज्ञात लोगों ने उनके काफिले पर पथराव किया है।
बाबा साहब भीमराव अंबेडकर संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान में सीएए के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरना चल रहा है। इस धरने में अभी तक CPI नेता कन्हैया कुमार, राजद पूर्व मंत्री शिवचंद्र राम, माले नेता दीपांकर भट्टाचार्या, मशहूर शायर इमरान प्रताप गढ़ी माँगों के समर्थन में शामिल हो चुके हैं
नरेश कुमार की प्रेमिका का परीक्षा केंद्र बालिका हाईस्कूल स्कूल में पड़ा था जहाँ वह कैमरामैन के रूप में घुस प्रेमिका को नकल करवाने की कोशिश कर रहा था। जिसे परीक्षकों ने देख वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया। इसके बाद डीएम के आदेश पर प्रेमी नरेश की गिरफ्तारी हुई।
लेनदेन के विवाद को मुर्शीद ने एनआरसी और सीएए से जोड़ दिया। इसके बाद कट्टरपंथी हिंसा पर उतर आए। मस्जिद से भी पथराव किए जाने की बात स्थानीय लोगों ने कही है।
सरस्वती मूर्ति विसर्जित करने जा रहे लोगों से मुस्लिम युवकों ने डीजे को बंद करने को कहा। डीजे बंद नहीं करने पर फायरिंग की। जब जुलूस में शामिल लोग भागने लगे तो उन पर ईंट-पत्थर से हमला किया गया।
दरभंगा मॉड्यूल! शुरुआत इंडियन मुजाहिदीन के फाउंडर यासीन भटकल ने की। NIA ने दरभंगा मॉड्यूल में जाकिर नाइक का भी कनेक्शन बताया था। चुपके-चुपके इसका विस्तार पूरे मिथिलांचल में हो रहा है।
पटना में जिस जगह हिंसा भड़की उसके करीब ही सब्जीबाग है। यहॉं दिल्ली के शाहीन बाग की तर्ज पर सीएए के विरोध में प्रदर्शन चल रहा है। उपद्रवियों ने वाहनों को भी आग के हवाले कर दिया।
शरजील ने देश को तोड़ने की पूरी तैयारी कर चुका था, जिसने प्लान तैयार किया था कि सीएए के विरोध में देश के सभी प्रमुख राजमार्गों पर चक्का जाम कर दिया जाए। इससे पूरे देश में अराजकता का माहौल पैदा हो जाएगा और इसके दवाब में आकर सरकार सीएए और एनआरसी को वापस ले लेगी।