“कोई लोभ देकर किसी का धर्म परिवर्तन न करे। मैं हाथ जोड़कर विनती करता हूँ कि धर्म से बड़ा कोई चीज नहीं होता। किसी धर्म में चचेरे भाई-बहन में शादी होती है। मगर हमारे धर्म में ऐसा नहीं होता है... यही मेरा धर्म है। आदमी हम भी हैं और वे भी हैं। हम अपने धर्म की रक्षा करें। मैं आप लोगों से अपील करता हूँ कि धर्म से बड़ा कुछ नहीं है।”
CPI नेता कन्हैया कुमार इन दिनों CAA, NRC और NPR के खिलाफ 'जन-गण-मन यात्रा' पर निकले हुए हैं, लेकिन उन्हें लगातार विरोध का सामना करना पड़ रहा है। बिहार के जिस भी जिले में वह अब तक पहुँचे हैं, उनमें से अधिकतर जगहों पर कन्हैया कुमार के काफिले पर हमला बोला गया है।
शाहीन बाग और एएमयू में आयोजित धरने में देशविरोधी भाषण देने बाद चर्चा में आए शरजील इमाम को पिछले महीने दिल्ली पुलिस ने बिहार के जहानाबाद से 28 जनवरी को गिरफ्तार किया था। दरअसल सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में शरजील ने पूर्वोत्तर के राज्यों को भारत से अलग करने की बात कही थी।
अब गया में कन्हैया के काफिले पर लोगों ने अंडा, स्याही, जला हुआ मोबिल और पत्थर फेंके है। विरोध कर रहे लोगों ने काले झंडे दिखाते हुए कन्हैया मुर्दाबाद के नारे लगाए। पथराव में कॉन्ग्रेस विधायक अवधेश प्रसाद सिंह की गाड़ी का शीशा टूट गया।
दिल्ली साकेत कोर्ट ने इस मामले के 'किंगपिन' और दोषी करार दिए गए ब्रजेश ठाकुर को उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह प्रकरण मुंबई के टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंस (TISS) की रिपोर्ट के बाद सामने आया था।
कन्हैया का काफिला जहाँ से गुजरता है, वहाँ नारेबाजी की जाती है। इसी तरह की नारेबाजी के दौरान एक दूसरा गुट आ गया और वो भी विरोध में नारेबाजी करने लगा। इस भिड़ंत में कन्हैया कुमार पर हमला कर दिया गया। कन्हैया बिहार में जहाँ भी जा रहे हैं, लोग उन्हें मारने दौड़ रहे हैं।
पीड़िता शाम को जब ऑफिस का काम खत्म करने के बाद निकलने वाली थीं, तभी शराब के नशे में धुत्त प्रधान लिपिक महमूद आलम ने उन्हें पीछे से पकड़ लिया और दुष्कर्म करने का प्रयास किया। CCTV से पता चला कि वह पूरे दिन 4 बार पीड़िता के कमरे में गया था, और शाम को तो...
उग्र भीड़ ने थाने के बगल में स्थित झोपड़ी को भी जला डाला। सरकारी कागज़ात फाड़ डाले और कम्प्यूटरों व फर्नीचरों को तोड़ डाला। दंगाई भीड़ ने पूरे थाने को आगे के हवाले कर दिया। रिकॉर्ड रूम और और मालखाना को भी फूँक दिया। भीड़ में कम से कम 1000 लोग शामिल थे।
कन्हैया का कार्यक्रम समाप्त होने के बाद LNMU के छात्र-छात्राओं ने पहले मंच पर झाड़ू लगाकर उसे साफ़ किया, फिर मंच को पानी से धोया। इसके बाद सिमरिया से मँगाए गए गंगा जल और फूल छिड़क कर मंच को शुद्ध किया।
यहाँ के युवाओं का कहना है कि हिंदू लोगों के ईसाई में परिवर्तित होने की पोल सरस्वती पूजा के दौरान खुली, जब वो लोग चंदा के लिए ताराटांड टोले में गए। वहाँ के निवासियों ने खुद को ईसाई बताते हुए चंदा देने से इनकार कर दिया, जबकि पिछले साल तक वे लोग पूजा में शाामिल रहे हैं।