शगुफ्ता का कहना है कि इस मामले में न्यायालय में प्रताड़ना का मुकदमा चला। इसमें कोर्ट ने पीड़ित महिला को गुजाराभत्ता के रूप में 2000 रुपए महीना देने के लिए निर्देश दिए। कोर्ट के निर्देश के बाद भी आजतक उसके शौहर ने उसे कुछ नहीं दिया और न ही वह उससे मिलता है।
सद्दाम के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 153 ए, 153 बी और 258 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। उसके पाकिस्तान से सम्बन्ध होने की आशंका के मद्देनजर अन्य पहलुओं पर भी जाँच की जा रही है।
मृतक 18 वर्षीय विवेक कुमार हाजीपुर नगर थाना क्षेत्र के बागमली मोहल्ले के निवासी रामप्रवेश सिंह का इकलौता पुत्र था। वह इंटर का छात्र था। घटना के बाद उसके घर में कोहराम मच गया है। घटना मंगलवार सुबह करीब 9 बजे के आसपास की है।
काँवड़ियों की सुरक्षा में आए पुलिस इंस्पेक्टर की वर्दी पर लगे स्टार को नोचने का प्रयास किया गया। पुलिस वालों के साथ गाली-गलौच की गई, उन्हें डंडा लेकर दौड़ाया गया। लेकिन पुलिस ने अपनी समझदारी से तकरीबन 500 से भी ज्यादा महिला और बच्चियों को निकालकर सुरक्षित पहुँचाया।
कोर्ट के इस फैसले पर विनोद का कहना है कि उन्हें राहत तो जरूर मिली है, लेकिन जबरन शादी करवाने वाले लोग अभी भी बाहर आजाद घूम रहे हैं। वो लोग उन्हें धमकियाँ दे रहे हैं। ऐसे में वो बेहद डरे हुए हैं।
कल (22 जुलाई 2019) जब जगन्नाथ पुरी के एक पुजारी की तस्वीरें इन्टरनेट पर नजर आने लगीं तो कुछ तथाकथित हिन्दुओं की मासूम, अहिंसक, गाँधीवादी, सेक्युलर भावना बड़ी बुरी तरह आहत हो गईं।
"तुम बिहारी हो?" हाँ में जवाब देते ही वह गाली देने लगा। आरोपित ने रवि राज से कहा- "यह दिल्ली है, सलीके से रहा करो।" इसके बाद विजय ने रवि राज को फिर दाे थप्पड़ मारे, कान पकड़ उठक-बैठक लगवाने के बाद यह हिदायत भी दी कि आगे कभी भी मिलो तो नाक रगड़कर प्रणाम करना।
जिस समस्य एक नंबर लाइन पर पैसेंजर ट्रेन खड़ी थी, उसी दौरान कंट्रोल द्वारा थ्रो पास कराने को कहे जाने के बाद स्टेशन अधीक्षक ने सम्पर्क क्रांति को भी दो नंबर लाइन की बजाय एक नंबर लाइन का ही पास दे दिया था।
2 अगस्त 2005 को तब के विधायक सुनील ने गाड़ी से उतर कर अपने हाथ में लिए बंदूक के कुंदे से गर्भवती मंजू देवी के पेट पर मारा था। मार के बाद मंजू देवी का गर्भपात भी हो गया था और इलाज के दौरान उनकी मौत भी हो गई थी। इसे मामले में कोर्ट ने...
पीड़ित बच्ची ने बताया - गिरफ्तार आरोपित महिला नाबालिग लड़कियों को डिमांड के अनुसार लखनऊ एवं दिल्ली भी लेकर जाती थी। यहाँ जबरन देह-व्यापार कराया जाता था। इस पूरे मामले में करीब 10-12 लड़कियों से ऐसा करवाया जाता था।