मोदी सरकार पर दबाव बनाने के लिए कॉन्ग्रेस अकेले मैदान में नहीं रही बल्कि उसने अपने गोदी मीडिया, सस्ते कॉमेडियन्स, न्यूट्रल पत्रकारों के गिरोह और अवार्ड वापसी गैंग जैसी घातक टुकड़ियों को भी इस प्रक्रिया में एड़ी-छोटी का जोर लगाने पर मजबूर किया।
कॉन्ग्रेस से अरविंद ने करनाल लोकसभा से 2004 और 2009 में चुनाव लड़ा और यहाँ से उन्होंने दोनों बार जीत हासिल की, तीसरी बार 2014 के लोकसभा चुनाव में उन्हें भाजपा के अश्विनी चोपड़ा से हार का मुंह देखना पड़ा। फिर उन्होंने कॉन्ग्रेस छोड़ दी।
करोड़ों रुपये के सौर ऊर्जा निवेश घोटाले के एक आरोपी सरिता एस नायर ने एर्नाकुलम कॉन्ग्रेस के विधायक हिबी एडेन पर बलात्कार और राज्य के पूर्व मंत्रियों अदूर प्रकाश एवं ए पी अनिल कुमार के साथ अभद्रता करने का आरोप लगाया है।
इस पूरे प्रकरण में एक ओर शीला दीक्षित तो दूसरी ओर राहुल गाँधी, पीसी चाको, अजय माकन और आम आदमी पार्टी दिख रही है।
शीला दीक्षित का कहना है कि उन्हें सर्वे के दौरान जानकारी नहीं दी गई।
कॉन्ग्रेस प्रवक्ता रह चुके टॉम वडक्कन सोनिया गांधी के क़रीबी भी माने जाते थे। लेकिन, बीजेपी में शामिल होने के साथ ही उन्होंने कॉन्ग्रेस पर जमकर हमला बोला है।
ऑपइंडिया ने राहुल गाँधी और हथियार दलाल संजय भंडारी के बीच संबंधों का ख़ुलासा करते हुए कई दस्तावेज पेश किए थे। राहुल और पाहवा के बीच संदिग्ध ज़मीन सौदे हुए जो सीसी थम्पी द्वारा वित्तपोषित था। अब हमारे पास और भी एक्सक्लूसिव दस्तावेज हैं।
एजेंसी ने सीसी थम्पी और पाहवा को पहले भी पूछताछ के लिए समन जारी किया था। पाहवा ने अभी तक एजेंसी के समन का कोई जवाब नहीं दिया है। थम्पी अभी अमेरिका में इलाज करा रहा है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) जल्द ही उसका बयान भी दर्ज करेगी।
पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल को कानपुर से टिकट दिया गया है। सुशील कुमार शिंदे को महाराष्ट्र की सोलापुर से टिकट दिया गया है, वहीं प्रिया दत्त मुंबई-नॉर्थ सेंट्रल से चुनावी मैदान में उतरेंगी।
भाजपा के ग्राम प्रधान के साले के ससुर के किसी बयान को उठा कर भाजपा के झूठ के रूप में प्रचारित कर एक-एक घंटे का शो कर लेने वाली तथाकथित पत्रकारों की इस जमात ने राहुल-भंडारी कनेक्शन पर आँखें मूँद ली। इन्हे साँप सूंघ गया।