सुप्रीम कोर्ट से जस्टिस अभय श्रीनिवास ओका ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि कोर्ट से जुड़े कार्यक्रमों की शुरुआत पूजा या दीप जलाकर नहीं की जानी चाहिए, बल्कि पौधों में पानी देकर ये शुरुआत की जा सकती है।
किसी व्यक्ति को दो से ज्यादा बच्चे होने के कारण सरकारी नौकरी न देना कहीं से संविधान के खिलाफ नहीं है। ऐसा सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान के एक मामले की सुनवाई में कहा।
विपक्षी दलों को जवाब देते हुए केंद्रीय विदेश मंत्री S जयशंकर ने कहा, "इंडिया, दैट इज़ भारत, यह संविधान में है। मैं सभी को इसे पढ़ने के लिए आमंत्रित करूँगा।”
वेदों की भूमि पर वैदिक मंत्रोच्चार ही होगा न? 'सेंगोल' तमिल ही नहीं, हिन्दू गौरव का प्रतीक है। संविधान में श्रीराम और श्रीकृष्ण मौजूद हैं, फिर 'सेक्युलर' गिरोह को दिक्कत क्यों?