आप ही बताइए कि क्या प्रधानमंत्री के बोलने से कोरोना मर जाएगा? तब तो हर देश के प्रधानमंत्री को माइक ले कर, संबोधन दे देना चाहिए, कोरोना मर जाएगा। जबकि हमारे फैजान मुस्तफा बताते हैं कि IPC और संविधान में ऐसा कहीं नहीं लिखा है कि भाषण देने से कोरोना मर जाता है।
"लखनऊ में रहते हुए मैंने अपने बेटे दुष्यंत और उसके ससुराल वालों के साथ रात्रि भोज में भाग लिया था। कनिका जो दुर्भाग्यवश पॉजिटिव आई हैं, वह भी वहाँ एक अतिथि थी। सावधानी के लिए मेरे बेटे और मैंने तुरंत खुद को क्वारंटाइन किया है। हम सभी आवश्यक सावधानी बरत रहे हैं।"
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने बताया था कि इस समय वे बहुत ही विपरीत परिस्थितियों में काम कर रहे हैं कई देशों में आने-जाने पर प्रतिबंध है, जबकि कई देशों में खाने-पीने की वस्तुओं का इंतजाम करना भी मुश्किल हो रहा है।
तमाम अपीलों के बावजूद भी गोरखपुर में जुमे की नमाज के लिए आज कई जगह सैंकड़ों की भीड़ देखी गई। आम दिनों की तरह ही घंटाघर और कलेक्ट्रेट में दोपहर से ही भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी।
डीएमआरसी ने कहा है कि सामाजिक दूरी को बनाए रखने और लोगों को घरों में रहने के लिए प्रोत्साहित करते हुए दिल्ली मेट्रो को 22 मार्च को बंद रखने का फैसला किया गया है। दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन ने कहा कि यह कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई का एक कदम है।
दिल्ली के दिल की घड़कन कहा जाने वाले कनॉट प्लेस और इंडिया गेट को भी सरकार ने आम लोगों के लिए बंद कर दिया है। वहीं रविवार यानि 22 मार्च को दिल्ली में मेट्रो सेवा भी पूरी तरह से बंद रहेगी।
एक दिन अचानक शास्त्री ने घर के लोगों को बुलाया और कहा कि अगले सात दिन तक शाम को चूल्हा नहीं जलेगा। प्रयोग सफल रहा तो फिर उन्होंने देशवासियों से अपील की। संकट के उस समय में उनके इस प्रयोग ने गहरा असर छोड़ा था।
कुछ लोग कोरोना वायरस को लेकर कुछ ऐसा कर रहे हैं जो दूसरे को संकट में डाल सकता है। कर्नाटक में एक रेलवे कर्मचारी पर इसी को लेकर कार्रवाई करते हुए निलंबित कर दिया है, जिसने विदेश से लौटे अपने बेटे की पहचान छुपाई थी। बेंगलुरू की रहने वाली एक महिला रेलवे कर्मचारी का बेटा हाल ही में विदेश से लौटा था।
कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच दिहाड़ी मजदूरों की बड़ी राहत देने की योगी सरकार तैयारी कर रही है। इस संबंध में वित्त मंत्री की अध्यक्षता में बनाई गई समिति ने रिपोर्ट सौंप दी है। सरकार की योजना खातों में सीधे पैसा भेजने की है।
मोदी के समर्थन में लिबरल-सेक्युलर मीडिया गैंग के अलावा कॉन्ग्रेसी इकोसिस्टम का भी उतर आना वाकई सुखद आश्चर्य देता है, जिसने मोदी के जनता कर्फ्यू का दिल खोल कर स्वागत किया।