"अगर दिग्विजय सिंह को इसी तरह की बयानबाजी करनी है तो वह पाकिस्तान जाएँ और पाकिस्तानियों के साथ रहें। उनके बयानों को अब उनके घर वाले ही गंभीरता से नहीं लेते, उनके बयान अब उनके घर वाले ही नहीं सुनते।"
भगवा आतंकवाद की थ्योरी गढ़ने वाले दिग्विजय सिंह ने इससे पहले कहा था कि जितने भी हिंदू आतंकी पकड़े गए हैं वे आरएसएस से जुड़े हैं। उन्होंने कहा था कि हिंदू आतंकवादी संघ से आते हैं, क्योंकि संघ की विचारधारा नफरत फैलाने वाली है।
“चिदंबरम जी निर्दोष सिद्ध हों, पार्टी की स्वच्छ छवि बने, यही कामना करते हैं, परंतु दुख इस बात का है कि हमारे सभी "मठाधीश "अधिवक्ता जिन्हें बार-बार राज्यसभा का सदस्य बनाया, उनकी जमानत नहीं करा पाए।”
विपक्ष की उलूल-जुलूल बयानबाजी से पाकिस्तान और अलगाववादियों को भी शह मिल रही है। इसके कारण सोशल मीडिया में यूजर्स जमकर विपक्ष पर निशाना साध रहे हैं और कह रहे हैं कि देश के विपक्षी नेताओं ने अपने रुख से पाकिस्तान को भी हैरान कर दिया है।
दिग्विजय सिंह ने अंतर्राष्ट्रीय मीडिया का हवाला देते हुए कहा कि सरकार देखे कि कश्मीर में क्या हो रहा है। कश्मीर हमारे हाथ से निकल जाएगा। जबकि प्रशासन अंतर्राष्ट्रीय मीडिया की ख़बरों को मनगढंत बताकर पहले ही ख़ारिज कर चुका है।
कश्मीर का हवाला देते हुए शिवराज सिंह चौहान ने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू को अपराधी बताया। इसी पर पलटवार करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि शिवराज सिंह चौहान जवाहरलाल नेहरू के पैर...
दिग्विजय अकेले नहीं हैं कॉन्ग्रेस में। पार्टी के तौर पर जहाँ कॉन्ग्रेस ने दोनों सदनों में बिल के खिलाफ मतदान किया, वहीं लोकसभा में कॉन्ग्रेस संसदीय दल के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कश्मीर मसले पर बिल लाने की सरकार की हैसियत को ही चुनौती दे डाली थी।
कॉन्ग्रेस को भय है कि समर्थन करने में मुस्लिम वोट बैंक से हाथ धोना पड़ सकता है और विरोध करने में हाल ही में अपनाया गया ताजातरीन हिंदुत्व खतरे में पड़ सकता है इसलिए बेहतर है कि इस सब चर्चा से ऊपर उठकर नेहरू जी के नाम का कलमा पढ़ा जाए।