“2 करोड़ रुपए, जिसे राणा कपूर ने प्रियंका गाँधी को पेंटिंग के बदले दिया, वह कपूर के अकाउंट में कुछ समय पहले ही आए थे। इस कारण से ये मामला उनके लिए जाँच का विषय है और इसी वजह से खरीददार और देनदार दोनों पर PMLA एक्ट की धारा 3 के कार्रवाई हो सकती है।”
क्राइम ब्रांच ने मुस्तफाबाद के तीन युवकों को पकड़ा है। इनकी पहचान इरशाद, आबिद और शादाब के रूप में हुई है। बताया जा रहा है ये तीनों 24 फरवरी को ताहिर हुसैन के साथ थे। तीनों उसके बेहद करीबी बताए जाते हैं।
मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत अरविन्द यादव और उसके परिवार के सदस्यों की संपत्ति कुर्क करने का अस्थायी आदेश जारी हुआ। इसके तहत एक ट्रक और लगभग 14 एकड़ जमीन कुर्क किए गए। ट्रक की कीमत 11 लाख रुपए, जबकि जमीन की कीमत 11 करोड़ रुपए से ज्यादा है।
मोहम्मद परवेज अहमद, आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह से व्यक्तिगत रूप से भी फोन और व्हाट्सएप मैसेज के द्वारा जुड़ा हुए है। इसके साथ ही, परवेज अहमद कुछ कॉन्ग्रेस नेता के साथ भी जुड़ा है, जिनमें से उदित राज भी हैं। परवेज अहमद 'भीम आदमी' जैसे दलों के व्हाट्सएप समूह से भी जुड़ा हुआ है।
दिल्ली के पॉश इलाके सुखदेव विहार स्थित इस मकान को 10 करोड़ रुपए में खरीदा गया था। जिसमें से 4.43 करोड़ वाड्रा की कंपनी ने दिए थे। ईडी ने आरोप लगाया कि इस मकान का बीकानेर जमीन घोटाले वाले अपराध को अंजाम देने में सीधा संबंध है।
वित्तीय वर्ष 2015-16 में जूनियर चिदंबरम दम्पति ने अपनी कुल आय छिपाई थी और टैक्स देने से बचने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाए थे। मुत्तुकादु में एक ज़मीन की बिक्री के बाद कार्ति को 6.38 करोड़ रुपए और उनकी पत्नी श्रीनिधि को 1.35 करोड़ रुपए कैश में प्राप्त हुए थे।
“ऐसा नहीं है कि पी चिदंबरम निर्दोष हैं, जिन्हें अंधेरे में रखा गया। यह मामला केवल INX मीडिया का ही नहीं है, बल्कि इसमें अन्य कंपनियाँ भी शामिल हैं। लॉन्ड्रिंग व शेयर होल्डिंग पैटर्न में 16 कंपनियाँ शामिल थीं। 16 देशों में 12 विदेशी बैंक खाता और 12 विदेशी संपत्तियों की पहचान की गई है।"
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि पी चिदंबरम के खिलाफ आरोप बेहद गंभीर हैं और इसमें आरोपित की भूमिका काफी सक्रिय रही है। अगर इस परिस्थिति में चिदंबरम को जमानत दी जाती है, तो यह जनहित के खिलाफ होगा।
"रतुल पुरी न्यायिक हिरासत में होने के बावजूद अपनी गर्लफ्रेंड के जरिए सबूतों को नष्ट करने में लगे हैं और गवाहों को धमकी दे रहे हैं। पुरी के कई करीबी दोस्त और सहयोगी, जो उनके खिलाफ बयान दर्ज करने के लिए स्वेच्छा से एजेंसी के समक्ष पहले पेश हुए थे, उनको भी धमकी दी जा रही है।"
हाई कोर्ट में पेश मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट में कहा गया है कि चिदंबरम को प्राइवेट वार्ड में एडमिट करने की आवश्यकता नहीं है। जेल में ही उनके रेगुलर चेकअप और घर का खाना मुहैया कराने के निर्देश अदालत ने दिए हैं।