वह लोग उनके घर में गाली देते हुए घुसे और सविता के सिर पर मारा, फिर उन्होंने चौहान को बहुत तेज छाती पर घूँसा मारा और उन्हें कई बार उठा-उठाकर ज़मीन पर पटका। गंगाराम के होश गंवाने तक उन्हें पीटा गया और फिर वे लोग उन्हें छोड़कर चले गए। सविता के अनुसार उनके पति को देखकर ऐसा लग रहा था कि उनकी मृत्यु हो गई है।
"समुदाय विशेष के लोग स्टंटबाजी, छेड़खानी, लूटपाट, अवैध पार्किंग, हूटिंग और हुड़दंग करते हैं। आपत्ति जताने पर कहते हैं यब सब उनका अधिकार है। अब तक पलायन से 10 गालियाँ सुनसान हो चुकी हैं।" PMO ने सीएम योगी आदित्यनाथ से मामले में कार्रवाई करने को कहा है।
ऐसी घटनाएँ, जिनमें कट्टरपंथियों के अपराधी होने की ख़बर आई और पीड़ित दलित या हिन्दू थे। लेकिन, किसी ने आवाज़ नहीं उठाई। कोई नया नैरेटिव नहीं गढ़ा गया। पढ़िए ऐसी 50 घटनाओं का विवरण, जिसे मेनस्ट्रीम मीडिया द्वारा प्रमुखता से नहीं उठाया गया।
अगर आपको तबरेज की हत्या पर समाज में दोष दिखता है, तो आपको विनय की भी हत्या पर विचलित होना पड़ेगा। अगर आपको किसी चोर की भीड़ हत्या पर संवेदनशील होने का मन करता है तो आपको जीटीबी नगर मेट्रो स्टेशन के बाहर इस्लामी भीड़ द्वारा लिंच किए गए ई-रिक्शा चालक की भी मौत का गम करना चाहिए।
यह कैसी विडंबना है कि एक ओर मीडिया मोदी-राज, योगी-राज, भाजपा-राज को हिन्दुओं की गुंडागर्दी का पर्याय बता रहा है, दूसरी ओर हिन्दू बता रहे हैं कि उन्हें थाने से भगाने को उत्सुक पुलिस 'मोहम्मडन लेडीज़' की आवभगत में लग गई?
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में ऑनर किलिंग का एक मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि मृतक महिला और उसका पति दोनों अलग-अलग धर्म के थे। दोनों पड़ोस के एक गाँव से घर लौट रहे थे, तभी रास्ते में महिला के भाइयों ने उन पर गोली चला दी।
बरकत ने मीडिया को बताया था कि उसे ‘जय श्रीराम’ और ‘भारत माता की जय’ बोलने के लिए कहा गया। इस पर पुलिस का कहना था कि अगर वास्तव में ऐसा था तो FIR में इसका ज़िक्र क्यों नहीं किया गया?
कथित अल्पसंख्यकों के पीड़ित होने पर बड़े-बड़े अक्षरों में उनके नाम प्रकाशित किए जाते है, लेकिन जब वही घटना बहुसंख्यक समुदाय के साथ होती है, तो हेडलाइन में बस 'दूसरे समुदाय' की बात लिख कर खानापूर्ति...
मारपीट की इस घटना से पूरे क्षेत्र में साम्प्रदायिक तनाव का माहौल बना हुआ है। घटनास्थल पर पुलिस के पहुँचने से पहले ही हमलावर वहाँ से भाग गए। सीओ कोतवाली दिनेशचंद्र मिश्रा ने बताया कि मामला दो पक्षों में आपसी विवाद का है।