क्या इमरान नहीं जानते कि जैश-ए-मोहम्मद के बाक़ायदा बोर्ड लगे हुए हैं पाकिस्तान में? फिर ये दोगलों जैसी बातें क्यों करता है इमरान? स्वीकार लो कि तुम एक नकारा प्रधानमंत्री हो, जिसके हाथ में न तो सत्ता है, न आर्मी है और न ही वो तमाम आतंकी जो तुम्हारी बात सुनते हों।
बन्दूक की नाली पर सत्ता लेने की बात करने वाले जब #SayNoToWar का रोना रोने लगें, तो समझ जाइए कि दाल में कुछ काला है। जैसे ही आतंकियों पर कार्रवाई का समय आता है, ये अपने बिल से निकल आते हैं और युद्ध बनाम शांति की बहस क्रिएट कर उसमें कूद पड़ते हैं।
रेडियो पाकिस्तान ने अपना पक्ष दिखाने के लिए राहुल गाँधी व अन्य विपक्षी पार्टियों के बयान का प्रयोग किया। विपक्षी पार्टियों ने कहा कि पीएम मोदी ने पाकिस्तान पर कार्रवाई करने से पहले सर्वदलीय बैठक नहीं बुलाई।
फ्रांस, अमेरिका और ब्रिटेन ने पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मुहम्मद के संस्थापक मसूद को प्रतिबंधित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में प्रस्ताव पेश किया है।
कुछ लोगों के लिए देशप्रेम एक सहज बात नहीं होती। उन्होंने बार-बार दिखाया है कि उनकी ज़मीन कहीं और है। उनके लिए सैनिकों पर पत्थर फेंकने वालों के लिए, जवानों के घेरकर मार देने वाले नक्सलियों के लिए, देश को तोड़ने वाली शक्तियों के लिए हमेशा मानवाधिकार जैसे शाब्दिक हथियार होते हैं।
क्या भारत ने नियंत्रण रेखा के पार एयर स्ट्राइक कर गलती की है? क्या भारत की एयर स्ट्राइक से पाकिस्तानी फ़ौज का दबदबा अपनी जनता पर बढ़ा है? इसका जवाब देना इतना कठिन भी नहीं है।
क्या पाकिस्तान अब अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के सामने अपने आतंकियों की परेड करवाएगा ताकि वह भारत के दावों को नकार सके? क्या वह 350 आतंकियों को UN के सामने ले जाकर कहेगा- 'लो देखो, हमारे सारे आतंकी अभी भी ज़िंदा हैं। भारत झूठ बोल रहा।'
पुंछ और नौशेरा सेक्टर में भारतीय सीमा में पाकिस्तानी विमान घुसे और उन्होंने भागते समय हड़बड़ाहट में बम गिराए, जिसमें किसी भी भारतीय के हताहत होने की सूचना नहीं है।
भारतीय विमान पाकिस्तान के रडार सिस्टम से बच निकलने में सफल रहे क्योंकि भारतीय वायुसेना ने इस सुनियोजित और प्रोफेशनल ऑपरेशन के दौरान चुनिंदा रूट्स का इस्तेमाल करने के साथ-साथ अत्याधुनिक जैमिंग तकनीक का प्रयोग किया था।