लोकतांत्रिक व्यवस्था में आलोचना के लिए हमेशा स्थान रहेगा और परंपरा के अनुसार विपक्ष प्रधानमंत्री के भाषण को एक निरुत्साह वाला भाषण भी बता सकता है पर एक आम भारतीय के लिए उनका संबोधन आशा देता है और उसे प्रेरित भी करता है।
जहाँ दिल्ली के लाल किला पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ध्वजारोहण किया, वहीं जम्मू कश्मीर की राजधानी श्रीनगर के नगर निगम में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम मनाया गया।