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आतंकी आदिल के पिता का कुतर्क कहाँ तक उचित है?

क्या अकारण वीरगति को प्राप्त हुए सेना के जवान और आतंकी मनसूबों के साथ मरने वाले आतंकवादियों में कोई फर्क ही नहीं रह गया है? अपने दुख को इन जवानों के घर वालों के दुख के समान बताकर किस तरह का माहौल बनाया जा रहा है?

पुलवामा पर सभी दल एकजुट, सीमा पार आतंकी को दिया जाएगा मुँहतोड़ जवाब

सर्वदलीय बैठक से पहले गृहमंत्री राजनाथ सिंह के घर पर बड़ी बैठक हुई। इस बैठक में गृह सचिव राजीव गौबा सहित इंटेलीजेंस ब्यूरो(आईबी) के बड़े अधिकारी भी बैठक में शामिल रहे।

हुर्रियत नेताओं की सुरक्षा वापस ली जा सकती है, पुलवामा हमले के बाद सरकार ने किया बड़ा फैसला

गृह मंत्री ने शाम में कहा था कि सेना को हुर्रियत नेताओं की सुरक्षा पर पुनर्विचार करने का निर्देश दिया गया है। इस बयान के कुछ समय बाद ही सरकार द्वारा हुर्रियत नेताओं की सुरक्षा वापस लेने की बात कही जा रही है।

Pulwama Terror Attack: गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने शहीद जवान को दिया कंधा

शहीद जवान को कंधा देने के बाद गृहमंत्री राजनाथ सिंह ,जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक और भारतीय सेना के उत्तरी कमांड के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल सिंह ने पुलवामा हमले में शहीद सीआरपीएफ के जवानों को श्रद्धांजलि भी दी।

‘How’s the Jaish’ ट्वीट करने वाले AMU छात्र पर केस दर्ज, ट्वीट के बाद डिएक्टिवेट किया अकॉउंट

कुछ समय से छात्रों की राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के चलते अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी आए दिन विवादों में घिरी रहती है।

उरी से पुलवामा तक… संसद से पठानकोट तक… सब का ज़िम्मेदार सिर्फ़ पाकिस्तान

लगातार धर्म की आड़ में आतंकियों को पालने वाले पाकिस्तान को अच्छे से यह बात मालूम है कि जो आतंक का बीज़ वो अपनी धरती पर लगाता है, उसकी जड़ें भी बनेंगी और वो फैलेंगी भी।

फैक्ट चेक: क्या जाँच एजेंसियों के इनपुट होने के बावजूद पुलवामा सुरक्षा में कोताही बरती गई?

आम जनता के सुविधाओं के लिए वन वे रास्ता लोगों के लिए छोड़ दिया गया, आतंकी आदिल अहमद ने उसका गलत फायदा उठाकर घटना को अंजाम दिया।

पुलवामा के वीर: 4 दिन पहले ही लौटे थे ड्यूटी पर, किसे मालूम था तिरंगे में लिपटकर आएँगे घर

लोकनगर निवासी अजीत कुमार सीआरपीएफ की 115वीं बटालियन में तैनात थे। बीते गुरुवार की शाम वह जम्मू से श्रीनगर सीआरपीएफ के काफ़िले के साथ जा रहे थे। इस दौरान पुलवामा के अवंतीपोरा के गोरीपोरा में एक आतंकी ने विस्फोटक से भरी गाड़ी को जवानों की बस से टकरा दी।

कश्मीर में सबसे बड़ा आतंकी हमला, CRPF के 40 जवान शहीद

इस आतंकी घटना को अंजाम देने के पीछे आदिल अहमद डार नाम के आतंकी का हाथ है। सुरक्षाबलों का कहना है कि आदिल को पहले भी एक ऑपरेशन के दौरान घेर भी लिया गया था। लेकिन वह किसी तरह बच कर निकल गया था।

‘मैं अब जन्नत में हूँ’, पुलवामा आतंकी का वीडियो; ट्विटर पर कॉन्ग्रेस की शर्मनाक बयानबाजी चालू

वीडियो में आतंकी डार कह रहा है कि जब तक यह वीडियो लोगों तक पहुँचेगा वो जन्नत पहुँच चुका होगा। उसने कहा है कि दक्षिण कश्मीर के लोग कश्मीर के लिए भारत से लड़ रहे हैं, अब मध्य कश्मीर और जम्मू को भी इस लड़ाई में उतर जाना चाहिए।

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