''उन्होंने मेरा मोबाइल फोन भी छीन लिया था क्योंकि मैंने उनके दुर्व्यवहार का वीडियो बना लिया था। ऐसा उन्होंने इसलिए किया जिससे वो सबूतों को मिटा सकें। इससे पहले सितंबर महीने में भारी बारिश के दौरान भी मुझे घर से निकाल दिया था पर अदालत के हस्तक्षेप के बाद वे अपने घर में वापस लौट पाई थीं।''
तेज प्रताप के ड्राइवर और ऑटो चालक के बीच काफ़ी बहस हुई। ऑटो चालक से हर्ज़ाने के तौर पर 180000 रुपए की माँग की गई। इतनी बड़ी रक़म सुनते ही ऑटो चालक ने कहा कि वो इतनी राशि का भुगतान नहीं कर सकता। इतना सुनने के बाद तेज प्रताप के ड्राइवर ने...
नीतीश कुमार के अलग होने के बाद मानों खुशियों ने लालू के परिवार से मुॅंह ही मोड़ लिया था। राजनीतिक दखल कमजोर पड़ गया और पार्टी की चूलें हिल गई। बेटे और बहू की तकरार भी सार्वजनिक चर्चाओं का हिस्सा बन गई। ऐसे में मोदी के कारण कैसे बदले समीकरण?
इसी आन्दोलन से निकले सुशील कुमार मोदी की सत्तर के दशक में पटना के जलजमाव पर अनशन की तस्वीरें नजर आती हैं। अब वो उप मुख्यमंत्री हैं और पटना के जलजमाव से पिछले ही वर्ष की तरह इस वर्ष भी उनका आवास डूबा रहा।
फ़िलहाल, लालू यादव जेल में ही रहेंगे क्योंकि इसी चारा घोटाला में उन्हें दुमका और चाईबासा कोषागार मामले में ज़मानत नहीं मिली है। हालाँकि, लालू यादव के वकील ने कहा है कि वो इन दोनों मामलों में भी ज़मानत याचिका दायर करेंगे।
जस्टिस केपी देव व जस्टिस अपरेश कुमार की खंडपीठ ने इस याचिका को किसी अन्य पीठ के पास भेजने का निर्देश दिया। लालू यादव पहले से ही चारा घोटाला के अन्य मामलों में दोषी करार दिए जाने के बाद राँची में जेल की हवा खा रहे हैं।
“मैं और झारखंड के राष्ट्रीय जनता दल के 90 फीसदी कार्यकर्ता व नेता लालू प्रसाद यादव से नाराज हैं। अब राष्ट्रीय जनता दल में लोकतंत्र नहीं बचा है, लिहाजा हमने नई पार्टी बनाई है और अब हम खुद झारखंड के लोगों की सेवा करेंगे।”
फेयर ग्रो शेल कंपनी का ना कोई कारोबार था, ना ही यह कंपनी कोई टैक्स देती थी, फिर भी कंपनी के नाम पर करोड़ों की संपत्ति थी। लालू यादव के दोनों बेटे तेजप्रताप और तेजस्वी यादव व दो बेटियाँ रागिनी व चंदा इस कंपनी में वर्ष 2014 से लेकर 2017 तक निदेशक रहे हैं।
लालू यादव दर्जनभर बीमारियाें से पीड़ित हैं। उन्हें बहुत दिनों से हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज है। उनकी कार्डियक सर्जरी भी हो चुकी है। उनके हार्ट का वाॅल्व बदला जा चुका है। इसके अलावा वह वह क्राेनिक किडनी फेल्याेर (स्टेज थ्री) से भी पीड़ित हैं। इसके अलावा उन्हें प्राेस्टेट, हाइपर यूरीसिमिया, पेरिनियल इंफेक्शन, किडनी स्टाेन और फैटी लीवर की समस्या भी है।
90 के दशक में बिहार में किसी भी कार्य को करने के लिए, चाहे वो भवन निर्माण हो या दुकानदारी, सब के लिए एक अत्यंत ही 'सरल रंगदारी टैक्स' चुकाना पड़ता था। यह एक 'सिंगल विंडो क्लीयरेंस' जैसी व्यवस्था हुआ करती थी। जहाँ रंगदारी के एकमुश्त भुगतान के तुरंत बाद ही आप अपना काम करने के लिए स्वतंत्र हो जाते थे।