पप्पू यादव ने RJD अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के बेटों को कुपुत्र करार दिया है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि RJD ने बिहार में मुस्लिम उम्मीदवारों को हराने के लिए भाजपा से समझौता कर लिया है।
शब्दों का इस्तेमाल गलत कार्य के लिए मत कीजिए। किसी दिन उँगली जवाब दे देगी और गला सूख जाएगा। कई बार ऐसा होता है कि ज्ञान का इस्तेमाल गलत कार्य के लिए हो तो वह ज्ञान गायब हो जाता है।
लालू चारा घोटाले में राहत के बदले नीतीश कुमार की सरकार गिराने के लिए तैयार थे; जब जेटली ने यह पेशकश ठुकरा दी तो लालू अंत में खुद जेटली से मिलने पहुँचे।
अगर बिहार में सच में गुंडे बचे होते, और उनमें थोड़ा भी ज़मीर होता तो तुम्हें सड़क पर पटक कर, तुम्हारी बाँह पर वही गोद देते, जो अमिताभ के हाथ पर किसी ने गोदा था, "मेरा बाप चोर है।"
सुप्रीम कोर्ट ने लालू यादव की ज़मानत याचिका ख़ारिज कर दी। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि तुम्हें ज़मानत पर रिहा करने में कोई ख़तरा नहीं है सिवाए इसके कि तुम दोषी करार दिए जा चुके हो।
लालू यादव ने अपनी किताब 'गोपालगंज टू रायसीना: माइ पॉलिटिकल जर्नी' में दावा किया है कि नीतीश कुमार ने दोबारा महागठबंधन में शामिल होने के लिए अपने सहयोगी और जदयू उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर को 5 बार उनके पास बातचीत के लिए भेजा, लेकिन उन्होंने इंकार कर दिया।
विभा देवी के पक्ष में मतदान की अपील करने के अलावा राबड़ी के निशाने पर गिरिराज सिंह भी रहे। संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि गिरिराज सिंह नवादा छोड़कर भाग गए हैं।
लालू यादव के वार्ड की पहले भी तलाशी ली जा चुकी है। झारखण्ड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने भी कहा था कि लालू से मिलने आने वाले लोगों के लिए जेल के नियम ताक पर नहीं रखे जा सकते। कई विपक्षी नेता राँची जाकर लालू से मुलाकात कर चुके हैं।
"राजद के स्वार्थी नेताओं के सफाए के लिए मैंने 'लालू-राबड़ी' मोर्चा बनाया है। तेजस्वी यादव समझदार हैं लेकिन उन लोगों की वजह से उनके आँखों पर पर्दा आ गया है। मेरी माँ राबड़ी देवी को भी सजग रहने की ज़रूरत है। मेरी बातें सभी लोगों को बाद में समझ आएँगी।"
लालू यादव के समय उनके आस-पास रघुनाथ झा, रघुवंश प्रसाद, अखिलेश सिंह और सीताराम सिंह जैसे वरिष्ठ और अनुभवी नेता संकटमोचक के रूप में हुआ करते थे जो पार्टी में किसी भी तरह की स्थिति को संभालने की ताक़त रखते थे। आज पार्टी को इनकी कमी खल रही है।