तेलंगाना हाईकोर्ट ने पूछा है कि लॉकडाउन में समुदाय विशेष पर ही ज्यादा मुकदमे क्यों? यह भी तो हो सकता है कि कोई समुदाय शांतिप्रिय हो, और कोई सिर्फ शांतिप्रिय कहलाता हो, लेकिन उपद्रव करने में अग्रणी हो?
वह असंतोष न चीन के कम्युनिस्टों के हक में होगा और न भारत के वामपंथियों और उनके पोषक कॉन्ग्रेस के। इसलिए, नानजिंग के प्रेसिडेंशियल पैलेस और जनपथ की बेचैनियाँ आज एक सी दिख रहीं।
निजामुद्दीन चिश्ती जैसों के 'शांतिपूर्ण सूफीवाद' का मिथक खूब फैलाया गया है। लेकिन वास्तविकता यही है कि ये जिहाद को बढ़ावा देने, 'काफिरों' के धर्मांतरण के लिए ही भारत आए थे।
7 अगस्त 2008 को सोनिया गाँधी की अगुवाई वाली कॉन्ग्रेस और चीन की कम्यूनिस्ट पार्टी के बीच एक समझौता हुआ था। शायद आज वही वजह है कि कॉन्ग्रेस चीन की नापाक हरकतों पर भी चुप्पी साधे हुए है।
ऑपइंडिया ने मेवात में मुस्लिमों द्वारा हिन्दुओं पर हुए अत्याचार की जमीनी हालातों को जानने के लिए कई स्थानीय लोगों से संपर्क किया। हमारी बात उन पत्रकारों से भी हुई। जिन्होंने वहाँ जाकर ग्राउंड रिपोर्टिंग की।
ऑल्टन्यूज़ को चीनी सैनिकों के घायल होने या उनके मारे जाने की खबरें ज्यादा पसंद नहीं आईं और उन्होंने इसका भी फैक्ट चेक करते हुए भारतीय मीडिया को फर्जी साबित करने का प्रयास किया है।
डीएस बिंद्रा को दिल्ली क्राइम ब्रांच द्वारा दायर चार्जशीट में उन प्रमुख लोगों में नामित किया गया है जिन्होंने दिल्ली में हिंदू विरोधी दंगों के दौरान कांस्टेबल रतन लाल की हत्या करने वाले भीड़ को उकसाया था।
राहुल पर अप्रैल में उसके गाँव उलेटा में मुस्लिम समुदाय के अनीश सहित कुछ लड़कों ने जानलेवा हमला बोला। जब उसका परिवार उसे बचाने गया, तो उन लोगों ने परिवार के सदस्यों पर भी हमला किया।