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70000 फरिश्ते अगर नहीं बचा पाए तो डॉक्टर क्या करेगा? निज़ामुद्दीन के तबलीगी मौलाना का लॉजिक

मौलवी ने कहा कि आज मस्जिदों को बंद करने को कहा जा रहा है, जो ग़लत है। उसने डॉक्टरों की सलाहों की बात करते हुए लोगों से पूछा कि उन्हें इस बात पर कैसे यकीं आ गया कि मिलेंगे-जुलेंगे तो बीमारी फैलेगी, उन्हें इस बात पर यकीन क्यों नहीं आया कि इस समय अल्लाह उनकी हिफाजत करेगा? मौलाना ने कोरोना पर डॉक्टरों की सलाहों को इस्लाम के ख़िलाफ़ साज़िश करार दिया।

जान-बूझकर इधर-उधर थूक रहे तबलीग़ी जमात के लोग, डॉक्टर भी परेशान: निजामुद्दीन से जाँच के लिए ले जाया गया

निजामुद्दीन में मिले विदेशियों ने वीजा नियमों का भी उल्लंघन किया है, ऐसा गृह मंत्रालय ने बताया है। यहाँ तबलीगी जमात के मजहबी कार्यक्रम में न सिर्फ़ सैकड़ों लोग शामिल हुए बल्कि उन्होंने एम्बुलेंस को भी लौटा दिया था। इन्होने सतर्कता और सोशल डिस्टन्सिंग की सलाहों को भी जम कर ठेंगा दिखाया।

जावेद अख्तर ने मस्जिदों को बंद करने के लिए किया ‘फतवा’ का समर्थन, यूजर्स ने पूछा- क्या सरकारी आदेश काफी नहीं?

“पूरा देश खतरे में है, सरकार ने लॉकडाउन घोषित कर रखा है, और तुम फतवे का इंतजार कर रहे हो? देश फतवे से चलेगा या लोकतांत्रिक रूप से चुनी हुई सरकार से चलेगा? यही तुम लोगों का असली चेहरा है, पूरी मानवता खतरे में है और तुम लोग फतवे के इंतजार में हो? शर्म आती है तुम जैसे जाहिलों पर।”

पटना, राँची के बाद अब अहमदनगर के मस्जिद से मिले 10 विदेशी, ट्रस्टी हुए गिरफ्तार

पटना, राँची और दिल्ली के बाद महाराष्ट्र के अहमदनगर में एक मस्जिद से 10 विदेशियों को पुलिस ने हिरासत में लिया। पुलिस ने मस्जिद के ट्रस्टी जुम्माखान नवाबखान पठान और सलीम बाबूलाल पठान को कोरोना फैलाने के आरोप में और आदेशों का उल्लंघन करने के आरोप में कई धाराओं के तहत गिरफ्तार कर लिया है।

निजामुद्दीन मरकज में मौजूद 24 लोग कोरोना+: तेलंगाना में यहीं आए 6 की मौत, अंडमान के सभी 10 मामले यहीं के

निजामुद्दीन में एक भीड़ जुटती है - मलेशिया, इंडोनेशिया, सऊदी अरब और किर्गिस्तान समेत कई देशों के करीब 2500 लोग यहाँ आते हैं। कोरोना के बवाल के बावजूद यह सब होता है। नतीजा - दिल्ली में कोरोना पॉजिटिव के हालिया मामले में से 50% से ज्यादा सिर्फ इस एक कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोग।

अमेरिका जितना अमीर नहीं हम… लेकिन हमारे पास इस्लाम है: कोरोना से जंग पर इमरान का लॉकडाउन से साफ मना

"कोरोना से लड़ने के लिए इन दोनों ताकतों (इमान और युवा) का इस्तेमाल करना है। अब युवा ही कमियों को पूरा करेंगे। इसके लिए युवाओं की टाइगर फोर्स की घोषणा करता हूँ।"

मंदिर और सेवा भारती के कम्युनिटी किचेन को ‘आज तक’ ने बताया केजरीवाल का, रोज 30 हजार लोगों को मिल रहा खाना

सच्चाई ये है कि इस कम्युनिटी किचेन को 'झंडेवालान मंदिर कमिटी' और समाजसेवा संगठन 'सेवा भारती' मिल कर रही है। इसीलिए आजतक ने बाद में हेडिंग को बदल दिया और 'कैसा है केजरीवाल का कम्युनिटी किचेन' की जगह 'कैसा है मंदिर का कम्युनिटी किचेन' कर दिया।

दफनाई नहीं, जलाई जाएगी कोरोना के कारण मृत मरीज की लाश: BMC का आदेश हुआ वापस

लाश को प्लास्टिक में पैक करके फिर दफनाना उनको डिकम्पोज होने में देरी पैदा करता है और इसीलिए बीमारियों के फैलने का ख़तरा बना रहता है। साथ ही अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में 5 से ज्यादा लोगों के जुटने पर भी पाबंदी लगा दी गई है। श्मशान का कर्मचारी मास्क और ग्लव्स इत्यादि का इस्तेमाल कर के पूरी सावधानी के साथ लाश का अंतिम संस्कार करेगा।

लाल सलाम की फट गई डफली, जिस अंबानी-अडानी को देते थे गाली… वही उद्योगपति आज कर रहे देश की मदद

डफली बजाने से अगर कोरोना से लड़ाई लड़ ली जाती तो शायद आज JNU के वामपंथी ब्रिगेड से ही सबसे ज्यादा डॉक्टर और वैज्ञानिक निकलते। अगर प्रोपेगेंडा पोर्टलों में लेख लिखने से कोरोना भाग जाता तो राणा अयूब, सदानंद धुमे और बरखा दत्त जैसे लोगों ने अब तक वैक्सीन का अविष्कार कर लिया होता।

पहले बुलाया और जहाँ से चले थे, बसों में ठूँस फिर वहीं पहुँचाया: केजरीवाल के धोखे से बिलख-बिलख कर रोए प्रवासी मजदूर

दिल्ली सरकार ने आनंद विहार बस अड्डे पर लोगों को इकट्ठा किया, फिर उन्हें वहीं पहुँचा दिया, जहाँ से ये काफी जद्दोजहद करके आए थे। हजारों लोग फरीदाबाद, गुरुग्राम, मानेसर, बल्लभगढ़ से आनंद विहार तक पहुँचे थे। भीड़ को देखते हुए जब गालियाँ पड़ने लगीं तो केजरीवाल सरकार ने बसों में ठूँस कर इन्हें दिल्ली-एनसीआर के अलग-अलग इलाकों में जाकर छोड़ दिया।

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