एसजेटीए ने इन मठों को जगन्नाथ मंदिर की संपत्ति बता कर ढाहना शुरू कर दिया। सरकार का कहना है कि इन मठों के बिल्डिंग सुरक्षित नहीं हैं और इसीलिए इन्हें हटाना ज़रूरी है। लांगुली मठ 300 वर्ष पुराना था। इसे रैपिड एक्शन फाॅर्स और पुलिस की मौजूदगी में ढाह दिया गया। 900 वर्ष पूर्व निर्मित एमार मठ को भी नहीं बख्शा गया।
एनडीटीवी के पत्रकार पल्लव बागला के इस तरह के अशिष्ट और असभ्य सवाल से मीडिया को ब्रीफ करने आए वैज्ञानिक काफी दुखी और असहज हो जाते हैं। वैज्ञानिकों पर चिल्लाकर पत्रकार महोदय ने साबित कर दिया कि पूरे मिशन की 95% सफलता उसके लिए मायने नहीं रखती।
"978 करोड़ रुपए के लागत वाले चंद्रयान-2 मिशन का सब कुछ समाप्त नहीं हुआ है। मिशन को सिर्फ लैंडर विक्रम और प्रज्ञान रोवर का नुकसान हुआ है, जबकि अंतरिक्ष यान का तीसरा खंड ऑर्बिटर अब भी चंद्रमा की कक्षा में चक्कर लगा रहा है।"
पिछले पाँच सालों में रवीश की पूरी पत्रकारिता, सेलेक्टिव रही है। यह कह कर उन्माद फैलाने की कला सिर्फ रवीश को आती है कि जिसमें बार-बार एक समुदाय को कहा जाता है कि 'डर का माहौल है', हिन्दू तुम्हें लिंच कर रहे हैं, संभल कर रहो। भारत की स्थिति सोमालिया या नॉर्थ कोरिया से भी बदतर बताने में ये आदमी लायडिटेक्टर मशीन को भी धोखा दे देगा।
तुम्हारे यूॅं चर्चे में आने से कन्हैया, राना अय्यूब, आरफा खानम शेनवारी सब रश्क कर रहे हैं। राना अय्यूब तो वाशिंगटन पोस्ट तक लिख आई। आरफा भी वायर लेकर तैयार हैं। पर 'आ बैल मुझे मार' वाला तुम्हारा ट्रिक इनके काम अब तक नहीं आया।
शेहला ने भारतीय सेना पर रात में कश्मीर के लोगों के घरों में घुसने, गैर-कानूनी रूप से लड़कों को उठाने, घरों में छानबीन करने, चावलों में तेल मिलाने, शोपियाँ में कश्मीरी लड़कों को बंधक बनाकर दहशत फैलाने जैसे कई आरोप लगाए थे।
दिल्ली की AAP सरकार के गृहमंत्री सत्येंद्र जैन ने इस फैसले पर मुहर लगा दी है। इस मामले पर अपनी राय देते हुए उन्होंने बताया कि पुलिस ने उनके सामने जो सबूत पेश किए हैं, उसके मुताबिक कन्हैया और अन्य लोगों पर देशद्रोह का मामला नहीं बनता है।
अर्बन नक्सलियों का साथ देने से लेकर तालिबान से संबंध होने तक के आरोप लग चुके होने के बावजूद Amnesty International सुधर नहीं रहा। अब वह कश्मीर के मुद्दे को भुनाने के चक्कर में कुछ नहीं बल्कि जिहाद का संरक्षण ही कर रहा है।
चिदंबरम तिहाड़ नहीं जाना चाहते इसके लिए उनके वकील कपिल सिब्बल पहले भी एड़ी-चोटी का जोर लगा चुके हैं। लेकिन अब अदालत ने उन्हें 19 सितम्बर तक के लिए जुडिशल कस्टडी में भेजकर उनके तिहाड़ जाने का रास्ता साफ कर दिया है। उन्हें 19 सितम्बर तक तिहाड़ में ही रहना होगा।