ट्रम्प भारत में थे तो दंगे हुए, वेंस भारत में हैं तो आतंकी हमला। दोनों के पीछे एक ही सोच काम करती है - खतना चेक करने वाली। मुर्शिदाबाद में भी यही सोच काम करती है। इन्हें अलग करके मत देखिए।
राज्यसभा में उप-राष्ट्रपति नीति-निर्माण की प्रक्रिया को संचालित करते हैं, ऐसे में उन्हें संवैधानिक मसलों पर बोलने का हक़ कैसे नहीं? TOI और The Wire को समझना चाहिए कि कई पूर्व जजों ने न्यायपालिका में पारदर्शिता की बात की है।
जस्टिस वांचू ने कई महत्वपूर्ण मुकदमों की सुनवाई की थी। इनमें कई संवैधानिक मामले भी शामिल थे। इन्हीं में से एक मामला गोलकनाथ बनाम पंजाब राज्य का था। इसमें वह सरकार के समर्थन में थे।
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस सपरिवार भारत दौरे पर आए हुए हैं। दिल्ली में पीएम मोदी से उनकी मुलाकात हुई जिसमें दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत करने और टैरिफ जैसे मुद्दों पर भी बातचीत हुई।
पार्टी द्वारा जारी की गई प्रेस रिलीज के अनुसार, दलसागर खेल मैदान में आयोजित मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली में तैयारियों की घोर कमी रही, साथ ही समन्वय का भी अभाव रहा।