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Narendra Modi

‘BJP में विवाहित महिलाएँ अपने पतियों को PM मोदी के नज़दीक जाते देख घबराती हैं’

"वो दूसरों की पत्नियों व बहनों की इज़्ज़त कैसे कर सकते हैं, जब उन्होंने राजनीतिक फ़ायदे के लिए ख़ुद की ही पत्नी को छोड़ दिया। मुझे तो यह भी पता चला है कि भाजपा में ख़ासकर विवाहित महिलाएँ अपने पतियों को पीएम मोदी के नजदीक जाते देख कर यह सोचते हुए काफ़ी घबराई रहती हैं।"

ट्रोल-ट्रोलाचार्य संवाद: स्वधन्य पत्रकारों की वैचारिक नग्नता Vs वामपंथी षड्यंत्रों का रहस्योद्घाटन

थ्रेड में ट्रोल करने वाले अधम प्रकार के विस्तारवादी ट्रोल होते हैं। मध्यम कोटि के ट्रोल एक ट्वीट में चेतना शून्य कर देते हैं। उत्तम कोटि के ट्रोल एक वाक्य में ही अचेत कर देते हैं और सर्वोत्तम ट्रोल एक शब्द लिखकर ही नासिका लाल कर कर्णछिद्रों से धूम्र-वाष्प निष्कासन की प्रक्रिया का सूत्रपात कर देते हैं।

मीडिया को हेडलाइन मैटीरियल न मिले तो लोकतंत्र रुक नहीं जाता: नरेंद्र मोदी की ‘खरी-खरी’ मन की बात

“मोदी की छवि दिल्ली के खान मार्किट गैंग ने नहीं बनाई है... 45 साल की मोदी की तपस्या ने बनाई है। अच्छी है या बुरी, इसे आप नष्ट नहीं कर सकते। एक आदमी की छवि पर चोर-चोर-चोर-चोर-चोर के सहारे चोट किया जा रहा है, आपको उस पर कोई आपत्ति नहीं है!”

शोपियाँ मुठभेड़ में मारे गए 2 आतंकी: ‘क्या इसके लिए भी सैनिकों को EC की अनुमति लेनी होगी?’

"वो बम-बंदूक लेकर सामने खड़ा है, क्या वहाँ मेरा जवान चुनाव आयोग की परमिशन लेने जाए कि मैं इसके गोली मारूँ या ना मारूँ? कश्मीर में जब से हम आए हैं, हर दूसरे-तीसरे दिन सफ़ाई होती रहती है। ये सफाई अभियान मेरा काम है भाई।"

बुज़दिली को माचोमैन बनाने वाले रवीश वामपंथी वैचारिक दरिद्रता के आख़िरी ब्रांड एम्बेसडर हैं

रवीश कुमार को राहुल गाँधी के साथ, जेठ की दुपहरिया में खुले आसमान के नीचे इंटरव्यू करते हुए देखा तो ख्याल आ गया कि यह बंदा इश्क में फलाना-ढिमकाना हो जाना लिखता है, लेकिन असल जिन्दगी में बेइन्तिहाँ नफरत और कुंठा ढोता है।

TIME कवर स्टोरी: कट्टरपंथ, भारत से नफरत जिसे विरासत में मिली हो, मिलिए इल्मुद्दीन और दादा दीन तासीर से

कट्टरपंथी इस्लाम से सहानुभूति और हिंदुस्तान से नफ़रत आतिश को विरासत में मिले हैं। तभी उन्हें हिन्दूफ़ोबिया ‘फैंटेंसी’ लगता है।

‘अच्छे दिनों’ की आस में मंदिर पहुँचे रॉबर्ट वाड्रा, भीड़ ने लगाए ‘मोदी-मोदी’ के नारे

दर्शन के उपरांत पत्रकारों ने उनसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री और उनके ससुर राजीव गाँधी पर लगाए गए आरोपों के बारे में पूछा। इस पर वाड्रा जवाब देते हुए कहा कि मंदिर में राजनीतिक बातें नहीं की जानी चाहिए

मिस्ट्रेसीकरण, ससुरालीकरण, राजनीतिकरण: दांडी यात्रा के बाद विन्ची-गाँधी यात्रा के 3 प्रमुख पड़ाव

जो मीडिया और क्रांतिजीव 5 साल तक मोदी की विदेश यात्राओं का लेखा-जोखा करते रहे, उन्हें नेहरू से लेकर राजीव गाँधी के भ्रमणों से रूबरू होना चाहिए, ताकि वो उसकी समीक्षा कर के बता सकें कि मिस्ट्रेसीकरण और ससुरालीकरण उनकी किसी विदेश नीति का हिस्सा थे?

‘नफरती चिंटू’ कुणाल कामरा ने कॉन्ग्रेस काल के लिंचिंग को दिखाया मोदी के नाम

2014 से पहले के कई वीडियो का उपयोग करके, जब पीएम मोदी सत्ता में नहीं थे, कामरा जैसे 'नफरती चिंटू' ने देश में मोदी सरकार के खिलाफ दुष्प्रचार और झूठ के प्रसार का ही काम किया है।

कारगिल की लड़ाई के दौरान नरेंद्र मोदी टाइगर हिल क्यों गए थे?

भाजपा नेता एवं ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) कुशाल ठाकुर ने कहा कि मोदी का टाइगर हिल का दौरा करना राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर उस वक्त की उनकी चिंता को दर्शाता है, जब वह किसी भी आधिकारिक पद पर नहीं थे।

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